पहले लोग बंगाल आते थे, अब नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में जा रहे : शुभेंदु

पश्चिम बंगाल में उद्योग धंधे खत्म होते जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उद्योग धंधों को खत्म कर दिया है.

जब से सिंगूर से टाटा को ममता बनर्जी ने हटाया, तब से बंगाल में शिल्प खत्म होते चले गये

संवाददाता, बैरकपुर.

पश्चिम बंगाल में उद्योग धंधे खत्म होते जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उद्योग धंधों को खत्म कर दिया है. यह कहना है राज्य के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का. पहले लोग बिहार-यूपी से दूसरे राज्यों से बंगाल में काम करने आते थे लेकिन आज स्थिति ऐसी होती जा रही है कि अब बंगाल के लोग बिहार, यूपी, ओडिशा, राजस्थान, दिल्ली जा रहे हैं क्योंकि बंगाल में ममता बनर्जी ने उद्योग को खत्म कर दी है.

उन्होंने कहा कि बंगाल में किसी भी क्षेत्र का आकलन कर ले, हर क्षेत्र में स्थिति बदहाल है. बंगाल के किसी भी विभाग की चर्चा करे, स्थिति खराब है. शिक्षा व्यवस्था भी बदहाल है. लोग केंद्र के स्कूलों में दाखिला करा रहे है. बंगाल में एक साल 8200 स्कूल बंद हो गये है. शिक्षक नहीं है. बंगाल में 6880 शिल्प बंद हो गये है. कल-कारखाने दूसरे राज्यों में चल जा रहे है. जूट उद्योग खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि जब से सिंगूर से टाटा को ममता बनर्जी ने हटाया, तब से बंगाल में शिल्प खत्म होते चले गये. अब तक बंगाल में 6880 शिल्प बंद हो गये है. तृणमूल सरकार की पूरे पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर चोरी, भ्रष्टाचार, हत्या, बलात्कार, महिलाओं पर अत्याचार और एसआईआर के बारे में झूठ प्रचार के विरोध में बैरकपुर संगठनात्मक जिला की ओर से परिवर्तन संकल्प सभा बुलायी गयी थी. इसके तहत विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में एक रैली निकाली गयी. इच्छापुर स्टोर बाजार से माझेरपाड़ा तक की परिवर्तन संकल्प यात्रा हुई. फिर लेलिननगर में शुभेंदु अधिकारी ने एक सभा को संबोधित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SUBODH KUMAR SINGH

SUBODH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >