बनगांव से मनोरंजन कुमार सिंह की रिपोर्ट
वैवाहिक जीवन में लगातार चल रहे कलह के बीच एक डॉक्टर पति द्वारा अपनी ही पत्नी की नृशंस हत्या करने के चर्चित मामले में बनगांव कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. गुरुवार को अदालत ने दोषी चिकित्सक पति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. यह सनसनीखेज घटना आज से करीब तीन साल पहले 20 अगस्त 2023 को हुई थी. आरोपी डॉक्टर ने बेहद शातिराना योजना बनाकर अपनी ही सोती हुई पत्नी को पहले एनस्थीसिया (बेहोशी) का इंजेक्शन दिया और फिर सर्जिकल चाकू से उसके गर्दन की मुख्य नस काट दी थी, जिससे महिला की तड़पे बिना ही मौके पर मौत हो गयी थी.
अदालत ने लगाया एक लाख का जुर्माना
बनगांव कोर्ट की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज-2 कुमकुम सिन्हा ने दोषी डॉक्टर अरिंदम बाला को उम्रकैद की सजा सुनायी. कोर्ट के सरकारी वकील संजय दास ने बताया कि अरिंदम बाला पेशे से डॉक्टर होने के बावजूद समाज और इस पवित्र पेशे पर कलंक है. उसने ससुराल के पैसे के लालच में सोती हुई पत्नी की हत्या कर दी थी. अदालत ने आजीवन कारावास के साथ उस पर एक लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना राशि न देने पर दोषी को अतिरिक्त तीन साल की कारावास की सजा भुगतनी होगी. इस चर्चित केस में पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराये गये थे, जिसके आधार पर अपराध सिद्ध हुआ.
मायके से पैसे लाने के लिए करता था प्रताड़ित
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका रत्नोतमा दे स्वयं एक होम्योपैथी डॉक्टर थीं और बागदा के आशारू गांव में अपना चेंबर चलाती थीं. उनके पिता राजीव कुमार दे एक जाने-माने वैज्ञानिक हैं. वर्ष 2021 में उनका विवाह बागदा थाना क्षेत्र के आमडोब निवासी और कोलकाता के एक बड़े सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर अरिंदम बाला से हुआ था. शादी के बाद से ही अरिंदम पैसे के लालच में अपनी पत्नी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा था. वह लगातार ससुराल से मोटी रकम लाने का दबाव बना रहा था. जुलाई 2023 में प्रताड़ना से तंग आकर रत्नोतमा अपने मायके चली गयी थीं, लेकिन अरिंदम मनाकर वापस ले आया था.
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सुबह खुद थाने जाकर किया था आत्मसमर्पण
20 अगस्त 2023 की रात जब डॉ रत्नोतमा रात के भोजन के बाद सो गयीं, तो अरिंदम ने अपनी डॉक्टरी विद्या का गलत इस्तेमाल करते हुए उन्हें पहले नींद का हैवी डोज इंजेक्शन लगा दिया. इसके बाद सर्जिकल कैंची और ब्लेड से गले की दोनों तरफ मौजूद बेहद महत्वपूर्ण कैरोटिड धमनी काट दी. पूरी रात शव के पास ही रुकने के बाद 21 अगस्त की सुबह उसने खुद बागदा थाने पहुंचकर अपना गुनाह कबूल किया था. मृतका के पिता राजीव दे की शिकायत पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. पिता ने भावुक होकर कहा कि कैरोटिड धमनी दिल से सीधे दिमाग तक ऑक्सीजन और खून पहुंचाती है, जिसे काटकर उनके दामाद ने षड्यंत्र के तहत बेटी की जान ले ली.
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