अब सरकारी कॉलेजों के टीचिंग स्टाफ के दिव्यांग बच्चों को भी मिलेगी पेंशन

नये साल से पहले राज्य सरकार के अधीन कॉलेजों के प्रोफेसर और टीचिंग स्टाफ के लिए बड़ी घोषणा राज्य सरकार की ओर से की गयी है.

नये साल से पहले सरकार की घोषणा

कोलकाता. नये साल से पहले राज्य सरकार के अधीन कॉलेजों के प्रोफेसर और टीचिंग स्टाफ के लिए बड़ी घोषणा राज्य सरकार की ओर से की गयी है. राज्य सरकार फैमिली पेंशन का दायरा बढ़ा दिया गया है. अब इन कॉलेज स्टाफ के दिव्यांग बच्चों को भी जिंदगी भर पेंशन मिलेगी. राज्य के इस फैसले से कॉलेज के प्रोफेसर और टीचिंग स्टाफ खुश हैं.

राज्य के सरकारी कॉलेजों के प्रोफेसर और टीचिंग स्टाफ को रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलती है. एक समय तक, जो व्यक्ति काम कर रहा था, उसकी गैर मौजूदगी में उसकी पत्नी को पेंशन मिलती थी. बाद में राज्य सरकार ने उस नियम को बदल दिया. पिछले साल राज्य ने ऐलान किया था कि कर्मचारी की अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा बेटी को फैमिली पेंशन के तहत लाया जा रहा है. ऐसे में उम्र सीमा 25 साल है. पर अब राज्य ने पेंशन का दायरा और बढ़ा दिया है. इस बारे में हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने 8 दिसंबर को एक नोटिफिकेशन जारी किया था. उसमें साफ-साफ कहा गया है कि प्रोफेसर और टीचिंग स्टॉफ के बच्चे लड़का हो या लड़की अगर वह दिव्यांग है और 25 साल की उम्र में भी रोजगार नहीं कर रहे हैं, तो उसे भी अपने पिता या माता की पेंशन मिलेगी. वैसे, राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन की रकम वेतन और सर्विस की उम्र पर निर्भर करती है. हालांकि, पेंशन का फायदा पाने के लिए सर्विस की उम्र 10 साल से अधिक होनी चाहिए. नहीं तो कर्मचारी पेंशन के दायरे में नहीं आयेंगे.

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By SUBODH KUMAR SINGH

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