पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नयी सरकार बनने के बाद सत्ता के गलियारों में अनुशासित आचरण बनाये रखने के लिए नेता और मंत्री एक्शन मोड में हैं. रविवार को राज्य के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में वसूली और भ्रष्टाचार में लिप्त असामाजिक तत्व अब भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के करीब आने का प्रयास कर रहे हैं. भाजपा और सरकार ऐसे तत्वों को बिल्कुल संरक्षण नहीं देगी.
रातोंरात खत्म नहीं होती वसूली की संस्कृति : दिलीप
दिलीप घोष ने स्वीकार किया कि सालों से चली आ रही कट मनी और सिंडिकेट संस्कृति को अचानक समाप्त करना एक चुनौती है. जबरन वसूली की संस्कृति रातोंरात खत्म नहीं होगी. भ्रष्टाचार में लिप्त लोग हमारी पार्टी के कैडरों और स्थानीय नेताओं के करीब आने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ नये विधायकों को सत्ता का नशा चढ़ रहा है. उन्हें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि राज्य की जनता ने बदलाव के लिए किसे और क्यों वोट दिया था.
पार्टी रख रही है हर नेता के आचरण पर नजर : मंत्री
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने साफ किया कि पार्टी अपने हर नेता और कार्यकर्ता के आचरण पर बारीकी से नजर रख रही है. यदि कोई भी व्यक्ति पार्टी के सिद्धांतों से भटकता है या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त संगठनात्मक और कानूनी जांच की जायेगी.
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शमिक भट्टाचार्य ने दी थी कार्रवाई की चेतावनी
शनिवार को ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने भी पार्टी नेताओं को सख्त लहजे में आगाह किया था कि अगर किसी भी स्तर पर वसूली या गड़बड़ी की शिकायतें मिलती हैं, तो बिना किसी रियायत के कड़ी कार्रवाई की जायेगी. दिलीप घोष का यह बयान प्रदेश अध्यक्ष की चेतावनी को और मजबूती देता है.
