कोर्ट का एनसीएलटी कार्यालय के स्थानांतरण पर रोक से इंकार

हाइकोर्ट ने महानगर के न्यूटाउन में एक नये क्षेत्र में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखते हुए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी), कोलकाता परिसर को हाइकोर्ट के पास स्थित इसके वर्तमान स्थान से हटाकर महानगर के न्यूटाउन में एक नये क्षेत्र में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. गुरुवार को मामले पर फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज व न्यायाधीश अपूर्व सिन्हा रॉय की खंडपीठ ने न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा के आदेश को बहाल रखा.

खंडपीठ ने कहा कि हमेशा से लोग एक से दूसरे स्थान पर जाने और बदलाव का विरोध करते रहे हैं. स्थानांतरण दर्दनाक होता है. नये स्थान पर समायोजित होना हमेशा आसान नहीं हो सकता है. इस प्रक्रिया में कठिनाइयां और चुनौतियां हो सकती हैं. प्राथमिक लॉजिस्टिक मुद्दे, वित्तीय अनिश्चितताएं, समय समायोजन और कई अन्य कारक सामने आ सकते हैं. खंडपीठ ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के स्थान को न्यूटाउन में स्थानांतरित करने की भी योजना है और हो सकता है कि समय बीतने के साथ दोनों संस्थान फिर से एक दूसरे के आसपास हो जायें.

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सभी हितधारक बिना किसी द्वेष या दुर्भावना के एनसीएलटी कार्यालय को नयी इमारत में स्थानांतरित करने को स्वीकार करेंगे और न्याय के उचित व त्वरित विस्तार में सहायता के लिए सामंजस्यपूर्ण ढंग से काम करेंगे.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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