बाढ़ राहत में हुआ 50 करोड़ का भ्रष्टाचार कैग रिपोर्ट में खुलासा

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि एक ही व्यक्ति ने 42 बार पैसे प्राप्त किये. कैग ने कहा कि भुगतान प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया.

कोलकाता. कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) की रिपोर्ट में मालदा में बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाये गये घरों और राहत राशि वितरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है. अगस्त 2017 में मालदा जिला बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था और पीड़ितों के लिए राहत राशि में नियमों की अनदेखी करते हुए भारी गड़बड़ी की गयी. सूत्रों के अनुसार, कैग ने अपनी 678 पृष्ठों की रिपोर्ट में बताया कि लगभग 50 करोड़ रुपये के बंटवारे में भ्रष्टाचार हुआ. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि एक ही व्यक्ति ने 42 बार पैसे प्राप्त किये. कैग ने कहा कि भुगतान प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया. नियमों के मुताबिक, संबंधित इलाके की पंचायत समिति के एक प्रतिनिधि, बीडीओ का एक प्रतिनिधि, एक पंचायत प्रतिनिधि और पंचायत के विरोधी दल के नेता की चार सदस्यों वाली समिति बनानी थी, जो भुगतान की जांच और प्रस्ताव प्रस्तुत करती. लेकिन बीडीओ या विरोधी दल के किसी प्रतिनिधि की इसमें भागीदारी नहीं थी. वकील अनिंद्य घोष ने कहा, “असली लाभुकों में से लगभग किसी को भी पैसा नहीं मिला. अधिकांश अकाउंट (लगभग 80 फीसदी) फर्जी थे.

” इस मामले में कई जनहित याचिकाएं कलकत्ता हाई कोर्ट में दायर की गयी हैं. अगले दो सप्ताह में हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की बेंच में मामले की सुनवाई होने की संभावना है.

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By GANESH MAHTO

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