जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए निगम लायेगा सॉफ्टवेयर

स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नयी तकनीकी व्यवस्था पर मंथन

पुराने रिकॉर्ड की जांच होगी आसान

कोलकाता. राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआइआर) प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कोलकाता नगर निगम (केएमसी) में जन्म प्रमाण पत्र के लिए अभूतपूर्व भीड़ उमड़ रही है. निगम के दफ्तरों में रोजाना सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं. इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो 25 से 30 साल पुराने जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने या सत्यापित कराने के लिए आवेदन दे रहे हैं.

इसके अलावा, पासपोर्ट कार्यालय से भी जन्म प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए बड़ी संख्या में फाइलें निगम को भेजी जा रही हैं. इस बढ़ते दबाव से निबटने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नगर निगम अब एक नये सॉफ्टवेयर सिस्टम को लागू करने पर विचार कर रहा है. इसके लिए निगम राज्य स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में है. निगम सूत्रों के अनुसार, नयी तकनीक लागू होने के बाद पुराने अस्पतालों या नर्सिंग होम के रिकॉर्ड की मदद से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को सत्यापित करना काफी आसान हो जायेगा. निगम अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समय में पुराने दस्तावेज़ों की जांच में काफी समय लग जाता है, जिससे आवेदकों को दिक्कतें हो रही हैं. एसआइआर प्रक्रिया के चलते मतदाता सूची के संशोधन का काम भी तेजी से चल रहा है. ऐसे में निगम के स्वास्थ्य विभाग में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों के लिए रोजाना लंबी कतारें लग रही हैं.

क्या कहते हैं स्वास्थ्य अधिकारी

निगम के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया : अगर कोई निवासी महानगर के किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम से प्राप्त जन्म रिकॉर्ड के साथ निगम पहुंचता है, तो सेंट्रल रिकॉर्ड रूम में संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होने पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जाता है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में लोग निगम के चैटबॉट सिस्टम के माध्यम से भी जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर रहे हैं. अधिकारी ने कहा : कोरोना काल में मृतकों के मृत्यु प्रमाण पत्र इसी सिस्टम से जारी किये गये थे, लेकिन जब एक साथ बहुत सारे उपयोगकर्ता चैटबॉट का इस्तेमाल करते हैं, तो सॉफ्टवेयर धीमा पड़ जाता है. इसी समस्या से निबटने के लिए निगम अब राज्य स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नया सॉफ्टवेयर विकसित करने पर विचार कर रहा है, ताकि नागरिकों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के सत्यापन में किसी तरह की परेशानी न हो.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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