कोलकाता नगर निगम के अभियंता को अदालत में पेश होने का निर्देश

अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई न करने का मामला

अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई न करने का मामला कोलकाता.कोलकाता नगर निगम के वार्ड 69 में अवैध निर्माण का मामला हाइकोर्ट में दायर किया गया था. इस मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस अमृता सिन्हा ने कानून के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है, लेकिन शिकायत यह है कि करीब दो साल बीत जाने के बाद भी बोरो नंबर आठ के कार्यपालक अभियंता ने कोई कार्रवाई नहीं की है. अदालत इससे असंतुष्ट है. जस्टिस सिन्हा ने संबंधित इंजीनियर सोमनाथ बराल को 12 जून को मामले की अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने और आदेश का क्रियान्वयन न करने के कारण बताने का आदेश दिया है. बताया जा रहा है कि बालीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोलकाता नगर निगम के वार्ड संख्या 69 के शरत बोस रोड इलाके में अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए हाइकोर्ट में मामला दायर किया गया था. वादी ने आरोप था कि शरत बोस रोड पर परिसर संख्या 22 में आवासीय निर्माण की अनुमति दी गयी थी, लेकिन इसे व्यावसायिक भवन में परिवर्तित कर दिया गया है. मामले की सुनवाई के दौरान निगम ने बताया कि बिल्डर को धारा 401 के तहत नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है. इसे देखते हुए न्यायमूर्ति सिन्हा ने आदेश दिया कि चूंकि निगम ने पहले ही अवैध निर्माण की पहचान कर ली है और नोटिस भेज दिया है, इसलिए कार्यकारी अभियंता सभी पक्षों के बयान सुनने के बाद 12 सप्ताह के भीतर अवैध निर्माण के संबंध में कार्रवाई करें. लेकिन शिकायत दर्ज होने के कई दिन बीत जाने के बाद भी निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की है. जिसके कारण न्यायालय की अवमानना का मामला दायर किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sandip tiwari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >