Coronavirus Lockdown: सांसद लॉकेट चटर्जी ने PM राहत कोष में एक माह का वेतन किया दान

हुगली से भाजपा की सांसद व प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी ने एक माह का अपना वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में दान देने की घोषणा की. इसके साथ ही राज्य के लोगों से आह्वान किया कि 10 फ्रेंड चैलेंज लें. इसके तहत एक व्यक्ति दस लोगों को प्रधानमंत्री राहत कोष में दान के लिए कहें

10 फ्रेंड चैलेंज का किया आह्वान, कहा : एक व्यक्ति दस को दान देने के लिए कहे

कोलकाता : हुगली से भाजपा की सांसद व प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी ने एक माह का अपना वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में दान देने की घोषणा की. इसके साथ ही राज्य के लोगों से आह्वान किया कि 10 फ्रेंड चैलेंज लें. इसके तहत एक व्यक्ति दस लोगों को प्रधानमंत्री राहत कोष में दान के लिए कहें, ताकि गरीब लोगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके.

चटर्जी ने वीडियो मैसेज के माध्यम से बताया : सभी घर में हैं और सतर्क हैं. केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन को लेकर जो निर्देश दिये गये हैं, उनका पालन कर रहे हैं. इस समय सरकार को मदद करने की जरूरत है. उन्होंने सहायता करने की कोशिश की है और एक माह का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में दिया. सभी से आग्रह करती हैं कि 130 करोड़ लोगों वाले देश के लिए कुछ भी नहीं है, लेकिन यदि हम सभी मिलकर यह करेंगे, तो यह असंभव नहीं है.

उन्होंने कहा : एक वायरस पूरे विश्व को हिला सकता है. हम भी एकजुट होकर इसका मुकाबला कर सकते हैं. उन्होंने कहा : जो सक्षम हैं. एक रुपये से लेकर 1000 रुपये, जिनकी जितनी क्षमता है, प्रधानमंत्री राहत कोष में दें. चेक के माध्यम से या ड्राफ्ट के माध्यम से अपना योगदान करें. उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की प्रत्येक से आग्रह किया कि सभी सहायता करें.

उन्होंने संसदीय क्षेत्र हुगली के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को सहायता के लिए अपील की. 10 परिचित लोगों से आग्रह करें कि अपनी क्षमता के अनुसार मदद करें. कुछ न कुछ प्रधानमंत्री राहत कोष में दे. इसे चुनौती के रूप में लें. सभी लोग आतंक में हैं. घर में रहें और 10 फ्रेंड चैलेंज स्वीकार करें. आतंकित होने की जरूरत नहीं है. यह आतंक खत्म हो जायेगा, लेकिन यह देखना होगा कि कोई भूखा नहीं रहे.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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