दागी शिक्षकों को ग्रुप सी व डी पदों पर नियुक्त करने के लिए कानूनी विकल्पों पर कर रहे हैं विचार : ममता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार 2016 की एसएससी परीक्षा के ‘दागी’ शिक्षकों को गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्त करने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रही है.

संवाददाता, कोलकाता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार 2016 की एसएससी परीक्षा के ‘दागी’ शिक्षकों को गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्त करने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रही है. उन्होंने यहां शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार ने 2016 की स्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के ‘बेदाग’ उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है. सुश्री बनर्जी ने कहा: मैं ग्रुप सी और डी के पदों पर ‘दागी’ शिक्षकों की नियुक्ति के विकल्पों पर कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श कर रही हूं. जो लोग वर्षों से पढ़ा रहे हैं लेकिन ‘अयोग्य’ चिह्नित किये गये हैं, उनके लिए मैं कानूनी समाधान खोजने की कोशिश कर रही हूं. संभव है कि उन्हें ग्रुप सी और डी के पदों पर भर्ती किया जा सके.

उन्होंने सरकारी ‘धन धान्य’ ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम के दौरान कहा: हम चीजों को राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से देखते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा: हमारे यहां अब भी शिक्षकों के 56,000 पद रिक्त हैं. इनमें से 35,726 पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित हो चुके हैं और लगभग 21,000 रिक्तियां अब भी लंबित हैं. कई बार हम कुछ करना चाहते हैं, लेकिन कुछ लोगों की वजह से कानूनी अड़चनें आ जाती हैं. हालांकि, मैं अदालत को दोष नहीं दूंगी. कुछ लोग हैं जो हर काम को अटकाने के लिए अदालत जाते हैं, और फिर लोगों का भविष्य बर्बाद हो जाता है. उन्होंने कहा कि ‘बेदाग’ उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 10-12 साल के अनुभव वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी गयी है. हम जो भी मदद कर सकते हैं, कर रहे हैं. जहां तक ग्रुप सी और डी पदों का सवाल है, अदालत पहले ही कह चुकी है कि वे कहीं और काम कर सकते हैं. मुख्यमंत्री ने भाजपा नीत सरकार का सीधे तौर पर जिक्र किए बिना कहा: कल पैगंबर मोहम्मद साहब की जयंती के कारण छुट्टी है, इसलिए हम आज (गुरुवार) यह कार्यक्रम मना रहे हैं. मुझे नहीं पता कि केंद्र ने छुट्टी घोषित की है या नहीं, लेकिन बंगाल में हमने छुट्टी घोषित की है.

सुश्री बनर्जी ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से उनकी सरकार ने राज्य में 47 विश्वविद्यालय स्थापित किये हैं, जो पिछली सरकार के 12 विश्वविद्यालयों से अधिक है. उन्होंने कहा: पांच और विश्वविद्यालयों की स्थापना का विधेयक राज्यपाल के पास लंबित है, हालांकि हमने इसे पारित कर दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Akhilesh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >