चिटफंड कंपनियों की जब्त संपत्तियों पर अवैध कब्जा !

कलकत्ता हाइकोर्ट ने बार-बार तालुकदार कमेटी पर चिटफंड कंपनियों की जब्त की गयी संपत्तियों को नीलाम करने और जमाकर्ताओं का पैसा जल्दी चुकाने का दबाव बनाया है. राज्य के कई जिलों से शिकायतें आ रही हैं कि तालुकदार कमेटी द्वारा जब्त संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है.

कोलकाता.

कलकत्ता हाइकोर्ट ने बार-बार तालुकदार कमेटी पर चिटफंड कंपनियों की जब्त की गयी संपत्तियों को नीलाम करने और जमाकर्ताओं का पैसा जल्दी चुकाने का दबाव बनाया है. राज्य के कई जिलों से शिकायतें आ रही हैं कि तालुकदार कमेटी द्वारा जब्त संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है. आरोप है कि मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज थाने के मथुरापुर इलाके में रामेल चिटफंड की जब्त की गयी 72 बीघा जमीन को कोई न कोई प्लॉटिंग करके बेच रहा है. अब वहां के प्रशासन ने जमीन के बीच से एक सरकारी प्रोजेक्ट के लिए पक्की सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया है. चिटफंड कंपनी में निवेशकों की ओर से वकील अरिंदम दास ने इसे लेकर हाइकोर्ट में शिकायत की है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ हाइकोर्ट द्वारा गठित कमेटी द्वारा जब्त जमीन पर प्लॉटिंग करके लोगों को बेचा जा रहा है, तो दूसरी तरफ उस जमीन के बीच से पथश्री याेजना के तहत पक्की सड़क बनाने का काम चल रहा है, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी है. अधिवक्ता ने अपने आवेदन में गैर-कानूनी तरीके से जमीन पर कब्जा करने और सड़क बनाने का काम तुरंत रोकने का निर्देश देने की मांग की गयी है.

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Published by: Bijay kumar

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