अवैध कोयला खनन, कोयले की चोरी और तस्करी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने मुगमा में 218.9 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया. 6 और 7 अगस्त की दरमियानी रात चलायेगये एक विशेष संयुक्त अभियान के तहत CISF की टीम ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के मुगमा क्षेत्र से अवैध कोयला जब्त किया. इसके साथ ही अवैध गतिविधियों में शामिल 2 पुरानी मोटरसाइकिलें भी बरामद कीं. जब्त कोयले का बाजार मूल्य लगभग 13.20 लाख रुपए आंका गया है.
शीर्ष अधिकारियों के मार्गदर्शन में रचा गया चक्रव्यूह
यह कार्रवाई CISF उत्तर-पूर्व क्षेत्र (NEZ-II) मुख्यालय, कोलकाता के डीआईजी (DIG) केपी सिंह के रणनीतिक निर्देशन तथा CISF ECL शीतलपुर के कमांडेंट राहुल सिंह गौतम के मार्गदर्शन में चलाये गये एक खुफिया-आधारित अभियान का परिणाम थी. इसका मुख्य उद्देश्य खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) का कड़ाई से पालन कराना और ‘जीरो कोल लीकेज प्लान’ (Zero Coal Leakage Plan) के तहत राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा को पुख्ता करना था.
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कई इकाइयों और टीमों का दिखा बेहतरीन समन्वय
इस विशेष संयुक्त ऑपरेशन में CISF की कई प्रमुख इकाइयों ने एक साथ मिलकर काम किया. इसमें शामिल मुख्य टीमें इस प्रकार हैं.
- CISF ECL शीतलपुर (मुगमा एवं मोहनपुर कैंप)
- त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT)
- CISF RTPPS पुरुलिया एवं CISF MTPPS मेजिया
- NEZ-II मुख्यालय कोलकाता की क्राइम इंटेलिजेंस विंग (CIW)
- ECL का अपना सुरक्षा विभाग
चापापुर OCP और संवेदनशील इलाकों में सघन छापेमारी
सटीक और विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर संयुक्त टीमों ने मुगमा स्थित चापापुर ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया. संदिग्ध जगहों की गहन जांच के दौरान अवैध रूप से निकाले गये 218.900 मीट्रिक टन कोयला जब्त की गयी. इसके साथ 2 मोटरसाइकिलें जब्त की गयीं.
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अवैध तस्करों और खनन माफियाओं में हड़कंप
CISF की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय कोयला माफियाओं और अवैध परिवहन में लिप्त तत्वों को एक कड़ा संदेश गया है. इस कार्रवाई से न केवल बहुमूल्य राष्ट्रीय खनिज संपदा की चोरी रुकी है, बल्कि सरकार और कोलियरी को होने वाले भारी वित्तीय नुकसान को भी बचाया गया है.
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे अभियान
CISF अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि Zero Coal Leakage नीति और MMDR अधिनियम के सख्त क्रियान्वयन के लिए भविष्य में भी ऐसे लक्षित और खुफिया-आधारित संयुक्त अभियान चलाये जाते रहेंगे. संवेदनशील कोयला क्षेत्रों में खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, ताकि अवैध खनन और कोयला चोरी में शामिल तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाये जा सकें.
