भाजपा का दावा: एसआइआर को लेकर मुख्यमंत्री की घबराहट यह साबित करती है कि वह अब हताशा का चेहरा बन चुकी हैं कोलकाता. राज्य में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तीखी प्रतिक्रिया पर भाजपा ने बुधवार को हमला बोला. भाजपा ने दावा किया कि एसआइआर को लेकर मुख्यमंत्री की घबराहट यह साबित करती है कि वह अब हताशा का चेहरा बन चुकी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अच्छी तरह जानती हैं कि उनके लगातार चुनावी जनादेश अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या मतों पर निर्भर रहे हैं, जिनके साथ-साथ फर्जी और अयोग्य नामों को कथित तौर पर जिलाधिकारियों, उप-जिलाधिकारियों और बूथ लेवल ऑफिसरों के जरिये मतदाता सूची में जोड़ा गया. अमित मालवीय के अनुसार, मौजूदा एसआइआर प्रक्रिया से मुख्यमंत्री इसलिए विचलित हैं क्योंकि इससे पश्चिम बंगाल में वर्षों से तैयार और संरक्षित किये गये उनके ””वोट इकोसिस्टम”” के टूटने का खतरा पैदा हो गया है. भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि पूरे देश में तृणमूल कांग्रेस ही एकमात्र राजनीतिक दल है, जो इस संशोधन प्रक्रिया का विरोध कर रहा है, जबकि यही प्रक्रिया 11 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी समानांतर रूप से चल रही है, जिनमें विपक्ष-शासित तमिलनाडु भी शामिल हैं. अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को न तो संस्थानों के प्रति सम्मान है और न ही संघीय ढांचे के प्रति. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नियम-कायदों को असुविधा और संवैधानिक ढांचे को बाधा के रूप में देखती हैं. उनके अनुसार, ममता बनर्जी का कार्यकाल केंद्र सरकार ही नहीं, बल्कि लगभग हर हितधारक के साथ लगातार टकराव से चिह्नित रहा है.
मुख्यमंत्री का चुनावी जनादेश घुसपैठिये व रोहिंग्या के वोट पर निर्भर : मालवीय
भाजपा ने दावा किया कि एसआइआर को लेकर मुख्यमंत्री की घबराहट यह साबित करती है कि वह अब हताशा का चेहरा बन चुकी हैं.
