राज्य सरकार में मंत्री सिद्दिकुल्ला चौधरी के नेतृत्व में मंगलवार को राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान लोगों के कथित तौर पर उत्पीड़न के विरोध में मार्च निकाला गया.
By BIJAY KUMAR | Updated at :
कोलकाता.
राज्य सरकार में मंत्री सिद्दिकुल्ला चौधरी के नेतृत्व में मंगलवार को राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान लोगों के कथित तौर पर उत्पीड़न के विरोध में मार्च निकाला गया. जमीयत-उलेमा-ए-हिंद का यह जुलूस उत्तर-मध्य कोलकाता के राजाबाजार इलाके से शुरू हुआ और महानगर के मध्य भाग स्थित एस्प्लेनेड पर समाप्त हुआ. लगभग 4.5 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया. इस मार्च में महिलाओं व बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने भाग लिया और केंद्र सरकार व निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारे लगाये. श्री चौधरी ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नागरिकों सहित निवासियों को सत्यापन के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा होने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो अमानवीय है. जन शिक्षा विस्तार व पुस्तकालय सेवा मंत्री ने कहा : हम लोकतांत्रिक तरीकों से अपना संघर्ष जारी रखेंगे. हमारे साथ अन्याय हो रहा है, जो अस्वीकार्य है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस वर्ष राज्य विधानसभा चुनाव से पहले एसआइआर कराने के लिए निर्वाचन आयोग पर दबाव डाल रही है. श्री चौधरी ने एसआइआर के दौरान अल्पसंख्यकों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाये जाने के सवाल के जवाब में कहा कि यह विरोध दमन और एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता को कमजोर करने के खिलाफ है.