बंगाल में पर्यटन के विकास पर केंद्र ने खर्च किये 100 करोड़
अवसंरचना सुधार के प्रस्तावों पर परियोजना की योग्यता, धन की उपलब्धता और योजना दिशानिर्देशों के अनुपालन के आधार पर विचार किया जाता है.
By GANESH MAHTO | Updated at :
कोलकाता. मुर्शिदाबाद के लिए पर्यटन के विकास के संबंध में तृणमूल सांसद मोहम्मद अबू ताहेर खान द्वारा पूछे गये एक सवाल के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार लोकसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कहा कि मंत्रालय की केंद्रीय योजना ”स्वदेश दर्शन” और ”तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान” के माध्यम से पश्चिम बंगाल राज्य सहित देशभर में वित्तीय सहायता प्रदान करके देश में पर्यटन अवसंरचना विकास के प्रयासों को गति प्रदान करता है. अवसंरचना सुधार के प्रस्तावों पर परियोजना की योग्यता, धन की उपलब्धता और योजना दिशानिर्देशों के अनुपालन के आधार पर विचार किया जाता है.
मंत्री ने आगे कहा कि पर्यटन मंत्रालय अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने और पर्यटन स्थलों के एकीकृत विकास को बढ़ावा देने के लिए अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करता रहेगा. मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2015-16 और 2016-17 में बंगाल में पर्यटन स्थलों और तीर्थ स्थल के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बंगाल के तटीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उदयपुर, दीघा, शंकरपुर, ताजपुर, मंदारमणि-फ्रेजरगंज- हेनरी आइलैंड में पर्यटन के विकास के लिए वित्त वर्ष 2015-16 में 67.99 करोड़ और प्रसाद योजना के तहत बेलूर मठ का विकास के लिए वित्त वर्ष 2016-17 में 30.03 करोड़ खर्च किया गया है.
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