राजनीति के तहत गंगा कटाव के लिए केंद्र नहीं कर रहा किसी प्रकार की मदद : मंत्री

राज्य के सिंचाई मंत्री मानस रंजन भुइयां ने गंगा नदी के कटाव और सफाई को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र अब पूरी तरह से उदासीन रवैया अपना रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार बंगाल को सहायता नहीं दे रही क्योंकि वह यहां की सरकार को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना चाहती है.

कोलकाता.

राज्य के सिंचाई मंत्री मानस रंजन भुइयां ने गंगा नदी के कटाव और सफाई को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र अब पूरी तरह से उदासीन रवैया अपना रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार बंगाल को सहायता नहीं दे रही क्योंकि वह यहां की सरकार को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना चाहती है. उन्होंने यह भी दावा किया कि साल 2015 के बाद से इस बाबत राज्य को केंद्र से एक भी रुपया सहायता राशि नहीं मिली है. कभी केंद्र सरकार गंगा नदी के संरक्षण, कटाव रोकने और सफाई अभियान को लेकर बेहद सक्रिय थी. तब 75:25 के अनुपात में केंद्र और राज्य मिलकर इस पर खर्च किया करते थे. लेकिन 2015 के बाद से केंद्र ने इस हिस्सेदारी को घटा कर पहले 50:50 और अब 40:60 कर दिया है. फिर भी बंगाल को कोई फंड नहीं दिया जा रहा. उन्होंने कहा कि जब गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित किया गया था, तब केंद्र सरकार इसे लेकर एक मिशन मोड में काम कर रही थ���. ‘नमामि गंगे’ जैसी योजनाएं शुरू की गयीं और बड़े-बड़े वादे किये गये. लेकिन हकीकत यह है कि पिछले एक दशक से गंगा के कटाव की समस्या झेल रहे बंगाल को किसी भी प्रकार की केंद्रीय सहायता नहीं मिल रही है. मानस भुइयां ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि केंद्र से सहायता न मिलने के बावजूद गंगा के दोनों किनारों पर कटाव रोकने और नदी की सफाई का काम जारी रखा जाये. राज्य सरकार अपने संसाधनों से इन कार्यों को अंजाम दे रही है, लेकिन यह पूरी तरह राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक भार बन गया है.

गंगा में कटाव के कारण चार जिलों की हालत बेहद गंभीर : गंगा के किनारे रहने वाले हजारों परिवार हर साल बारिश और बाढ़ के समय कटाव की वजह से बेघर हो जाते हैं. खासकर मुर्शिदाबाद, मालदा, नदिया और हुगली जिलों में यह समस्या बेहद गंभीर है. मंत्री ने बताया कि यदि केंद्र सरकार समय रहते सहयोग करे, तो इस संकट को काफी हद तक रोका जा सकता है. मंत्री ने केंद्र सरकार से अपील की कि गंगा जैसी राष्ट्रीय महत्व की नदी को लेकर राजनीति बंद की जाये और बंगाल के लोगों के हित में केंद्र और राज्य को मिलकर काम करना चाहिए.

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Published by: Bijay kumar

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