बैंक धोखाधड़ी : कोलकाता समेत कई जगहों पर ताबड़तोड़ छापे

राज्य में फिर केंद्रीय जांच एजेंसियों की सक्रियता तेज हो गयी है. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के बाद अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने गुरुवार को बैंक धोखाधड़ी और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले की जांच के तहत कोलकाता समेत पांच जगहों पर छापेमारी की.

कोलकाता

. राज्य में फिर केंद्रीय जांच एजेंसियों की सक्रियता तेज हो गयी है. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के बाद अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने गुरुवार को बैंक धोखाधड़ी और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले की जांच के तहत कोलकाता समेत पांच जगहों पर छापेमारी की. इस दिन सुबह ही सीबीआइ अधिकारियों की अलग-अलग टीम कोलकाता के अलीपुर, न्यू अलीपुर और उत्तर 24 परगना के न्यूटाउन, राजारहाट व दक्षिण 24 परगना के विष्णुपुर में अभियान शुरू किया. इस दौरान सुरक्षा के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों के साथ सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के जवान भी रहे.

सूत्रों के अनुसार, अलीपुर के न्यू रोड स्थित बहुमंजिली इमारत में रहने वाले एक कारोबारी के आवास पर तलाशी शुरू की गयी. तलाशी के दौरान बाहर छह अर्धसैनिक बल के जवान तैनात रहे, जबकि दो जवान घर के भीतर मौजूद थे. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धोखाधड़ी की रकम किन माध्यमों से कहां भेजी गयी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं. इसी क्रम में दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की गयी. सूत्रों के मुताबिक, तलाशी के बाद सीबीआइ अधिकारियों ने लैपटॉप, प्रिंटर और की-बोर्ड समेत कई डिजिटल उपकरण व दस्तावेज जब्त किये. हालांकि, अभियान को लेकर सीबीआइ की ओर से फिलहाल आधिकारिक रूप से अभी कुछ नहीं बताया गया है.

बताया जा रहा है कि यह मामला रांची स्थित सीबीआइ की एंटी करप्शन ब्रांच में वर्ष 2023 में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा है. प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2016 में मेसर्स राजेश्वरी आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड, कंपनी के निदेशक सुमित कुमार केजरीवाल, आशा केजरीवाल, प्रभाष कुमार मुखर्जी (गारंटर), कुछ अज्ञात निजी लोगों और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों पर एक आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगा. आरोप है कि इस साजिश के तहत जाली दस्तावेजों का उपयोग कर उन्हें असली बताकर इलाहाबाद बैंक, जमशेदपुर की मुख्य शाखा (अभी इंडियन बैंक) से करीब 5.61 करोड़ रुपये का ऋण हासिल किया गया. दर्ज प्राथमिकी में आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते में हेराफेरी की गयी और कंपनियों अधिनियम का उल्लंघन करते हुए गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की गयीं. सीबीआइ ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धाराएं 120बी, 420, 467, 468 और 471 के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) व 13(1)(डी) के तहत मामला दर्ज किया है.

एक सप्ताह पूर्व इडी ने चलाया था अभियान : गौरतलब है कि इससे एक सप्ताह पहले ही इडी ने राजनीतिक रणनीतिकार संस्थान आइ-पैक से संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों के अभियान में बाधा देने का आरोप मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व पुलिस अधिकारियों पर लगा. इधर, गुरुवार को चलाये गये अभियान को लेकर सीबीआइ सूत्रों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है. छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विस्तृत विश्लेषण के बाद इस मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं.

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By Bijay kumar

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