निष्पक्ष एसआइआर के लिए सीएपीएफ की तैनाती हो

मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का के बाद उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया में बीडीओ कार्यालय पर हुई तोड़फोड़ और हिंसा के बाद राज्य की राजनीति गरमा गयी है.

सुनवाई के समय बीडीओ कार्यालय पर हमले की घटना को लेकर भाजपा ने तृणमूल पर साधा निशाना

संवाददाता, कोलकाता

मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का के बाद उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया में बीडीओ कार्यालय पर हुई तोड़फोड़ और हिंसा के बाद राज्य की राजनीति गरमा गयी है. भाजपा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को पूरा करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है. भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है और चुनावी प्रक्रिया को डर और हिंसा के जरिये प्रभावित करने की कोशिश हो रही है.

भाजपा आइटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को बेहद गंभीर बताया. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि फरक्का विधानसभा क्षेत्र में बीडीओ कार्यालय, इआरओ, एइआरओ और माइक्रो ऑब्जर्वर्स पर किया गया हमला अत्यंत चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है और इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आती है. मालवीय ने चुनाव आयोग से इस मामले का संज्ञान लेने और सख्त कार्रवाई की मांग की.

वहीं, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी राज्य प्रशासन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि फरक्का में माइक्रो ऑब्जर्वर्स पर हुआ हमला बेहद शर्मनाक और लोकतंत्र पर सीधा हमला है. श्री अधिकारी ने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को बेरहमी से पीटा गया. दो अधिकारियों को गंभीर चोटें आयीं और मौके पर कोई पुलिस सुरक्षा मौजूद नहीं थी. शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार एसआइआर प्रक्रिया को कमजोर कर मतदाता सूची में हेरफेर करना चाहती है. उन्होंने अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग से अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करने, केंद्रीय बलों की तैनाती करने और बिना किसी डर या पक्षपात के एसआइआर पूरी कराने की मांदूसरी ओर, कोलकाता में केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि उनका आरोप है कि तृणमूल के विधायकbऔर उनके समर्थक जान-बूझकर एसआइआर प्रक्रिया को रोकने के लिए तोड़फोड़ कर रहे हैं. श्री मजूमदार ने दावा किया कि यह सिर्फ तृणमूल के हित में नहीं किया जा रहा, बल्कि इसका उद्देश्य कथित तौर पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल में बसाना, राज्य की जनसांख्यिकी बदलना और इसके पीछे एक बड़े एजेंडे को आगे बढ़ाना है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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