बोलीं मुख्यमंत्री-कानूनी विकल्पों पर विचार करते हुए शीर्ष अदालत के निर्णय का होगा पालन
संवाददाता, कोलकातामुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि वह न्यायपालिका का बहुत सम्मान करती हैं, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों को अमान्य करार देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को वह स्वीकार नहीं कर सकतीं. सुश्री बनर्जी ने नबान्न में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा : मैं न्यायपालिका और न्यायाधीशों का बहुत सम्मान करती हूं, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से मैं इस फैसले को स्वीकार नहीं कर सकती. उन्होंने हालांकि कहा कि उनकी सरकार सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करते हुए उच्चतम न्यायालय के निर्णय का पालन करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा : हमें निर्णय को स्वीकार करना होगा और कानूनी रूप से जो भी संभव होगा वह करेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी इस मामले में जेल में हैं. सुश्री बनर्जी ने सवाल किया : व्यापमं मामले में कितने भाजपा नेताओं को गिरफ्तार किया गया? व्यापमं घोटाला मध्य प्रदेश से जुड़ा प्रवेश व भर्ती ‘घोटाला’ है. उन्होंने सवाल किया : क्या भाजपा पश्चिम बंगाल की शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त करना चाहती है? शीर्ष अदालत का फैसला आते ही मुख्यमंत्री ने राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु, मुख्य सचिव मनोज पंत के साथ बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा : अदालत कुछ मानवीय रुख दिखाये, क्या यह उम्मीद हम नहीं कर सकते हैं. आत्मरक्षा का अवसर दिया ही जा सकता था. हम आगे उचित कदम उठायेंगे. समय-सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया की जायेगी.ममता ने भाजपा पर बोला हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले की प्रति देखने से पता चला है कि किसी को भी रुपये लौटाने की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करना चाहती है. उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जो योग्य वंचित हुए हैं, उनके साथ हैं और आगे भी रहेंगे. फैसले को लेकर कोई घटना होती है, तो इसके लिए माकपा व भाजपा जिम्मेदार होगी. लाखों लोगों पर इसका असर देखने को मिल सकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
