EWS आरक्षण के लिए NEET-UG अभ्यर्थी काउंसलिंग के दौरान नहीं बदल सकते कैटेगरी : कलकत्ता हाईकोर्ट

Calcutta HC on EWS Reservation in NEET-UG : मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए आवेदन करने वाले काउंसिलंग के बीच कैटेगरी बदलकर ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ नहीं ले सकते. कलकत्ता हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया है. कोर्ट ने इसके असर के बारे में भी स्पष्ट किया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Calcutta HC on EWS Reservation in NEET-UG : मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) कोटे के संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस अमृता सिन्हा की खंडपीठ ने कहा कि नीट यूजी (NEET-UG) के उम्मीदवार आवेदन के बाद ईडब्ल्यूएस वर्ग (Economically Weaker Section) में खुद को बदलकर आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकते हैं.

कोर्ट ने कहा- नीट यूजी 2026 के रिजल्ट पर होगा असर

कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि अब यह गेम के नियम बदलने जैसा होगा और सीधे नीट यूजी 2026 के रिजल्ट पर असर पड़ेगा. कलकत्ता हाईकोर्ट ने हसीबुर रहमान मंडल और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा है कि जिन उम्मीदवारों ने नीट-यूजी 2026 के लिए सामान्य अनारक्षित या ओबीसी-एनसीएल श्रेणी में आवेदन किया था, वे नतीजे आने और काउंसलिंग शुरू होने के बाद ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकते.

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8 उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में दी ये दलील

  • नीट यूजी 2026 परीक्षा दे चुके 8 अभ्यर्थियों ने पश्चिम बंगाल स्टेट कोटा काउंसलिंग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आरक्षण का लाभ पाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि, इनमें से 7 ने नीट फॉर्म में खुद को जनरल कैटेगरी का और एक ने ओबीसी-एनसीएल (सेंट्रल लिस्ट) उम्मीदवार बताया था.
  • याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पश्चिम बंगाल के डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ने 11 अगस्त 2026 को एक नोटिस-कम-इन्फॉर्मेशन बुलेटिन जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवार और पश्चिम बंगाल के निवासी (डोमिसाइल) स्टेट कोटा सीटों में आरक्षण के लिए पात्र होंगे, बशर्ते उनका ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन हो जाये.

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हाईकोर्ट ने कहा- ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट होगी प्रभावित

मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस अमृता सिन्हा ने कहा कि काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को अपनी कैटेगरी बदलने की इजाजत देने से ऑल-इंडिया मेरिट लिस्ट पर असर पड़ेगा. उन उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने नीट एप्लीकेशन जमा करते समय अपना ईडब्ल्यूएस स्टेटस बताया था. कोर्ट ने कहा कि बाद में ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट मिलने से नीट के लिए अप्लाई करते समय उम्मीदवार द्वारा बतायी गयी कैटेगरी नहीं बदल सकती. कोर्ट ने यह भी पाया कि राज्य के नोटिस में ऐसी कोई छूट देने का प्रावधान नहीं था.

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