गंगा में डूब रहे 30 दिन के मासूम समेत 10 बांग्लादेशियों की BSF ने बचायी जान

BSF Jawans Rescue 10 Bangladeshi: गंगा की तेज धार में 10 जिंदगियां खतरे में थीं. एक 30 दिन का मासूम जिंदगी और मौत के बीच था. लेकिन BSF की सतर्क निगाह, तुरंत कार्रवाई और मानवीय संवेदना ने इन सभी को सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया.

BSF Jawans Rescue 10 Bangladeshi: मालदा में गंगा नदी के तेज बहाव के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने 30 दिन के मासूम समेत 10 लोगों की जिंदगी बचायी है. बचाये गये लोगों में 3 बच्चे, 3 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं. सबसे ज्यादा चिंता उस वक्त बढ़ गयी, जब जवानों को पता चला कि बचाये गये लोगों में 30 दिन का एक नवजात भी है और उसकी हालत बेहद गंभीर है.

बिना देरी किये जवानों ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाया

भारतीय सीमा की सुरक्षा करने वाले जवानों ने मौके पर ही बच्चे को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया. बिना देरी किये उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया. समय पर अस्पताल पहुंचाये जाने और इलाज मिलने से बच्चे की हालत में सुधार हुआ. इलाज के बाद नवजात को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गयी.

खंडुआ बॉर्डर आउटपोस्ट के पास हुई घटना

घटना पश्चिम बंगाल के मालदा सेक्टर में खंडुआ बॉर्डर आउटपोस्ट के पास की है. यहां गंगा में तेज बहाव के बीच एक नाव पलट गयी और उसमें सवार 10 बांग्लादेशी नागरिक पानी में डूबने लगे. जैसे ही सीमा पर तैनात 71वीं बटालियन BSF के जवानों की नजर इन लोगों पर पड़ी, उन्होंने बिना समय गंवाये रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया.

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तेज धारा में जवानों लगा दी जान की बाजी

तेज धारा और मुश्किल हालात के बावजूद BSF जवानों ने एक-एक करके सभी 10 लोगों को पानी से बाहर निकाला. इस पूरे ऑपरेशन में बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता दी गयी. BSF ने जिन लोगों को डूबने से बचाया, वे सभी बांग्लादेशी नागरिक थे.

सभी बांग्लादेशियों को बीजीबी को सौंपा

रेस्क्यू और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सभी 10 बांग्लादेशी नागरिकों को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश यानी BGB को सौंप दिया गया. मालदा का यह घटनाक्रम सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं है. यह उस मानवीय जिम्मेदारी की भी तस्वीर है, जिसे सीमा पर तैनात जवान मुश्किल परिस्थितियों में निभाते हैं.

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By मिथिलेश झा

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