बंगाल में RSP का गढ़ रहा बोलपुर आज TMC का अभेद्य किला, चंद्रनाथ सिन्हा को हराना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती

Bolpur Assembly: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की वीआईपी सीट 'बोलपुर' से लगातार विधायक चुने जा रहे चंद्रनाथ सिन्हा शिक्षित और जमीनी स्तर के नेता के रूप में जाने जाते हैं. बोलपुर और शांतिनिकेतन के स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. पिछले दिनों उनके घर हुई ईडी की छापेमारी के बावजूद आम लोगों में उनकी छवि आम जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहनेवाले नेता की है. बोलपुर को टीएमसी का गढ़ बना चुके चंद्रनाथ सिन्हा को आगामी विधानसभा चुनाव में हराना विपक्ष के लिए कड़ी चुनौती होगी.

मुख्य बातें

Bolpur Assembly: कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में बोलपुर हमेशा से सत्ता का केंद्र रहा है. बोलपुर विधानसभा सीट राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील और महत्वपूर्ण है. रवींद्रनाथ टैगोर की कर्मभूमि शांतिनिकेतन इसी विधानसभा क्षेत्र में आता है. पिछले 6 चुनावों में जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस 2026 के असेंबली चुनाव में बोलपुर सीट को बचाने के लिए पक्के फेवरेट के तौर पर उतरेगी. भाजपा की जीत की उम्मीदें 2021 के 9.70 प्रतिशत वोट के अंतर को पाटने पर निर्भर करती हैं, जिसके लिए पार्टी हिंदू वोट को एकजुट करने में लगी है. वैसे भाजपा की जीत वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन की मजबूती पर भी निर्भर करेगी.

बंगाल की राजनीति को दिशा देने वाला क्षेत्र

बीरभूम जिले के अंदर आनेवाले इस विधानसभा क्षेत्र की पहचान महज संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विधानसभा क्षेत्र बंगाल की राजनीति को दिशा देने वाला क्षेत्र भी रहा है. कभी रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी का गढ़ रहा बोलपुर आज तृणमूल का अभेद किला बना हुआ है. रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार यहां से आठ बार चुनाव जीत चुके हैं, वहीं तृणमूल अब तक छह चुनाव जीत चुकी है. बोलपुर के वर्तमान विधायक चंद्रनाथ सिन्हा ममता बनर्जी की कैबिनेट में एक कद्दावर मंत्री हैं. चंद्रनाथ सिन्हा लगातार विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं, जो उनकी जमीन पर पकड़ को दर्शाता है. उनके कार्यकाल में बंगाल के पारंपरिक हस्तशिल्प और कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं.

ममता बनर्जी के बेहद करीबी हैं चंद्रनाथ सिन्हा

चंद्रनाथ सिन्हा का जन्म बीरभूम के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था. उनके पिता स्वर्गीय जितेंद्र नाथ सिन्हा थे. राजनीति में आने से पहले चंद्रनाथ सिन्हा ने अपनी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया. साइंस ग्रेजुएट चंद्रनाथ सिन्हा का प्रशासनिक कार्यशैली सबसे अलग हैं. वे आंकड़ों और तकनीक के साथ तालमेल बिठाकर काम करते हैं. बोलपुर के विधायक और पश्चिम बंगाल में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME)मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने जमीन से जुड़कर अपनी राजनीति को संवारा है. बीरभूम जिले के बोलपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार जीत दर्ज करने वाले चंद्रनाथ सिन्हा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भरोसेमंद मंत्रियों में से एक हैं. बीरभूम जिले में अनुब्रत मंडल के जेल जाने के बाद, जिले के संगठन को संभालने में चंद्रनाथ सिन्हा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई. चंद्रनाथ सिन्हा को संगठन और सरकार दोनों में संतुलन बनाने के लिए जाना जाता है.

2 बार जीत चुके हैं इंडिपेंडेंट केंडिडेट

बोलपुर असेंबली सीट ने पश्चिम बंगाल में हुए सभी 17 असेंबली चुनावों में हिस्सा लिया है. कांग्रेस ने पहले दो चुनाव 1951 और 1957 में जीते थे, जिसके बाद 1967 और 1969 में इंडिपेंडेंट उम्मीदवारों ने जीत हासिल की. ​​रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी आठ बार जीतकर सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी, जिसमें पहली जीत 1962 में और 1977 से 2006 के बीच लगातार सात जीत शामिल हैं, जिसमें तपन होरे का चार बार का कार्यकाल भी शामिल है. तृणमूल कांग्रेस के चंद्रनाथ सिन्हा ने 2011 में होरे को 16,627 वोटों से हराकर इस सिलसिले को तोड़ा. सिन्हा ने 2016 में भी सीट बरकरार रखी, इस बार 50,027 वोटों के मार्जिन से. 2021 में, भाजपा के अनिर्बन गांगुली दूसरे नंबर पर रहे और सिन्हा फिर से जीते, हालांकि उनकी जीत का मार्जिन घटकर 22,280 वोटों का रह गया. आरएसपी का वोट शेयर गिरकर सिर्फ 4.33 परसेंट रह गया, जबकि भाजपा का 40.90 परसेंट और तृणमूल कांग्रेस का 50.58 परसेंट था.

2021 चुनाव परिणाम

नामवोट संख्या/प्रतिशत
चंद्रनाथ सिन्हा को मिला वोट1,16,443
अनिर्बन गांगुली को मिला वोट94,163
विजेता पार्टी का वोट %50.6 %
जीत अंतर %9.7 %
स्रोत : चुनाव आयोग

विजन मंत्री के रूप में बंगाल में बनायी पहचान

पश्चिम बंगाल विधानसभा (assembly.wb.gov.in) से मिली जानकारी के अनुसार साल 2011 में बनी पहली ममता कैबिनेट में चंद्रनाथ सिन्हा को जगह दी गयी. वर्तमान में, उनके पास सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और कपड़ा विभाग के साथ-साथ सुधारात्मक प्रशासन विभाग की भी जिम्मेदारी है. बंगाल जैसे राज्य में, जहाँ लाखों लोग कुटीर उद्योगों और हस्तशिल्प से जुड़े हैं, वहां एमएसएमई मंत्री के रूप में उनकी भूमिका राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी के समान है. विकास और विजन मंत्री के रूप में चंद्रनाथ सिन्हा ने बंगाल के पारंपरिक बुनकरों और छोटे उद्यमियों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं. ‘विश्व बांग्ला’ जैसे ब्रांड को प्रमोट करने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार दिलाने में चंद्रनाथ सिन्हा के विभाग की बड़ी भूमिका रही है. एडमिस्ट्रेटिव रिफार्म मंत्री के तौर पर चंद्रनाथ सिन्हा ने जेलों को ‘सुधार गृह’ बनाने और कैदियों के कौशल विकास पर जोर दिया है.

चंद्रनाथ सिन्हा वर्तमान में कौन सा मंत्रालय संभाल रहे हैं?

वे पश्चिम बंगाल सरकार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) और कपड़ा विभाग के साथ-साथ सुधारात्मक प्रशासन (Correctional Administration) विभाग के कैबिनेट मंत्री हैं.

चंद्रनाथ सिन्हा किस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं?

वे बीरभूम जिले के बोलपुर (Bolpur) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के विधायक हैं.

उनकी शैक्षणिक योग्यता क्या है?

चंद्रनाथ सिन्हा ने विज्ञान में स्नातक (B.Sc.) की डिग्री प्राप्त की है.

वह पहली बार मंत्री कब बने?

वे 2011 में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के समय से ही ममता बनर्जी की कैबिनेट का हिस्सा रहे हैं और समय-समय पर विभिन्न महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं.

चंद्रनाथ सिन्हा कौन हैं?

उत्तर: चंद्रनाथ सिन्हा पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं.

प्रश्न 6: वह किस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं?

उत्तर: वह बीरभूम जिले के बोलपुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं.

चंद्रनाथ सिन्हा के पास कौन सा सरकारी विभाग है?

उनके पास लघु, कुटीर और मध्यम उद्यम (MSME) तथा कपड़ा विभाग की जिम्मेदारी है.

वह हाल ही में खबरों में क्यों थे?

कथित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनके आवास पर की गई छापेमारी के कारण वह चर्चा में थे.

विवादों से अछूते नहीं हैं चंद्रनाथ सिन्हा

चंद्रनाथ सिन्हा पिछले कुछ समय से सुर्खियों में हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में उनके बोलपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी. जांच एजेंसियों के रडार पर आने के कारण उन्हें विपक्षी दलों की आलोचना भी झेलनी पड़ी है. हालांकि, चंद्रनाथ सिन्हा और उनकी पार्टी ने तमाम आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है. इन विवादों के बावजूद बोलपुर के स्थानीय लोगों के बीच चंद्रकात सिन्हा की छवि एक सुलभ नेता की है. उन्हें अक्सर अपने क्षेत्र की जनता के बीच देखा जाता है. शांतिनिकेतन की सांस्कृतिक विरासत और बीरभूम के विकास को लेकर उनकी सक्रियता उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है.

चंद्रनाथ सिन्हा: मुख्य विशेषताएं

  • राजनीतिक गढ़ : बीरभूम जिले की वीआईपी सीट ‘बोलपुर’ (Bolpur) से लगातार विधायक.
  • दोहरी जिम्मेदारी : ममता कैबिनेट में MSME, कपड़ा और सुधारात्मक प्रशासन विभागों के कैबिनेट मंत्री.
  • शिक्षा : विज्ञान विषय में स्नातक
  • रणनीतिकार : बीरभूम जिले में पार्टी के संगठन के प्रमुख रणनीतिकार
  • सुलभता : आम जनता के लिए हमेशा उपलब्ध.
  • विजय वाले नेता : बंगाल में छोटे उद्योगों और क्लस्टर्स के विकास में योगदान.
  • राजनीतिक पद : अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सदस्य.
  • विवाद : शिक्षक भर्ती मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED)की कार्रवाई.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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