कोलकाता.
सरस्वती पूजा आयोजित करने को लेकर कोलकाता सहित राज्य के कुछ स्थानों पर बाधा उत्पन्न करने के आरोप लगे थे. इसके मद्देनजर सोमवार को विधानसभा में भाजपा की ओर से कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया गया था. इस प्रस्ताव पर चर्चा कराने व सीएम से जवाब मांगा गया था. भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने प्रस्ताव पढ़ा करने को कहा, लेकिन अध्यक्ष ने इस पर चर्चा की अनुमति नहीं दी. इसके बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. शुभेंदु ने कागज भी फाड़े. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में सरस्वती पूजा के दौरान बाधा उत्पन्न करने के आरोपों का खुल कर जवाब दिया. विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में कितनी जगह सरस्वती पूजा आयोजित की गयी है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि जिस कॉलेज (जाेगेश चंद्र कॉलेज) में मुख्यमंत्री ने कानून की पढ़ाई की थी, वहां भी सरस्वती पूजा के आयोजन में बाधा पहुंचायी गयी. इस बारे में ममता बनर्जी ने खुल कर जवाब दिया. गौरतलब है कि शुभेंदु समेत भाजपा के चार विधायकों को निलंबित किये जाने के विरोध में मंगलवार को भाजपा के विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया. वे शुभेंदु ने नेतृत्व में सदन के बाहर विधानसभा परिसर में कीर्तन करने लगे. वहीं, दोपहर 2.15 के बाद सीएम सदन में पहुंचीं.इस दौरान उन्होंने मुख्य विरोधी दल भाजपा पर निशाना साधा. मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान भाजपा के विधायक सदन में मौजूद नहीं थे. ममता ने सरस्वती पूजा को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने कहा : कौन कहता है कि बंगाल में सरस्वती पूजा की अनुमति नहीं दी जाती? सभी घरों में पूजा-अर्चना की गयी. राज्य के सभी स्कूलों-कॉलेजों, मोहल्ले सहित क्लबों में पूजा आयोजित की गयी. कम से कम तीन-चार करोड़ जगहों पर यह पूजा हुई. उन्होंने कहा : इस घटना को सामने रख कर भाजपा के नेताओं ने बंगाल को कलंकित कर दिया है. मुझे भी अपमानित किया. भाजपा के नेताओं ने हिंदू धर्म को बदनाम करने का काम किया.
बता दें कि जोगेश चंद्र लॉ कॉलेज में सरस्वती पूजा में बाधा डालने के आरोप लगे थे. यह वही कॉलेज है, जहां से मुख्यमंत्री ने कानून की पढ़ाई की है. मंगलवार को मुख्यमंत्री ने भी इस कॉलेज का नाम लिया. उन्होंने कहा : कॉलेज में सरस्वती पूजा हुई थी. जोगेश चंद्र की दोनों शाखाओं में पूजा हुई. कॉलेजों में पूजा करने के स्थान को लेकर विवाद था. पर बाद में कोर्ट के निर्देश पर पूजा हुई थी. उन्होंने जोगेश चंद्र चौधरी डिग्री कॉलेज और जोगेश चंद्र लॉ कॉलेज में सरस्वती पूजा की दो तस्वीरें विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी को सौंपी. उन्होंने कहा : मैंने सबूत के तौर पर तस्वीरें जमा करायी हैं. मुख्यमंत्री ने कहा : मैं कभी अपने धर्म के बारे में बात नहीं करती. जो लोग हिंदू धर्म की बात कर रहे हैं, कृपया जान लें कि मैं भी एक ब्राह्मण परिवार की बेटी हूं. मेरे पिता स्वतंत्रता सेनानी थे.बता दे कि मंगलवार दोपहर जब मुख्यमंत्री बजट सत्र में अपना भाषण दे रही थीं, तब सदन से निलंबित नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठ कर धरना दे रहे थे. वहां से उन्होंने दावा किया मां सरस्वती के अपमान का विरोध करने के कारण उन्हें निलंबित होना पड़ा. पिछले सप्ताह राज्य में लगातार दो सरकारी छुट्टी दिये जाने को लेकर भी भाजपा ने राज्य सरकार की आलोचना की है. इस पर सीएम ने कहा कि शब-ए-बारात के लिए 13 और पंचानन बर्मन की जयंती के लिए 14 फरवरी को छुट्टी गयी थी. सीएम ने कहा कि भाजपा के विधायक कहते हैं कि मैं मुस्लिम लीग की सदस्य हूं, इसलिए मैंने शब-ए-बारात पर दो दिन की छुट्टी दी है. उन्होंने कहा कि एक दिन शब-ए-बारात और एक दिन पंचानन की जयंती के लिए दी गयी थी. पर भाजपा के नेता गलत सूचना दे रहे हैं.
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