बीजेपी का मिशन बंगाल 2026: विधानसभा चुनाव के लिए सांगठनिक जिलों में 47 नेता तैनात

बीजेपी का मिशन बंगाल 2026 शुरू हो चुका है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने संगठन और चुनावी रणनीति के माहिर नेताओं को बंगाल में उतार दिया है. खबर है कि 44 सांगठनिक जिलों में 47 नेताओं को बुलाया गया है. 5 जिलों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश के लीडर्स को मिली है.

बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में भी पूरी ताकत झोंक दी है. भाजपा ने उत्तर प्रदेश से मंत्रियों, संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं और रणनीतिकारों की टीम को बंगाल बुलाया है. चुनावी जमीन मजबूत करने के लिए.

भाजपा की चुनावी रणनीति – बंगाल को 6 क्षेत्रों में बांटा

भाजपा ने चुनावी रणनीति के तहत बंगाल को 6 क्षेत्रों में विभाजित किया है. इनमें से 3 क्षेत्रों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री जेपीएस राठौर, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को सौंपी गयी है. इनके साथ संबंधित राज्यों के संगठन महामंत्री भी तैनात किये गये हैं.

47 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी यूपी के नेताओं को

भाजपा ने 294 विधानसभा सीटों में से 47 सीटों का दायित्व यूपी के नेताओं को सौंपा है. बंगाल विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. देशभर की निगाहें यहां के चुनावी नतीजों पर रहेंगी.

अक्टूबर से ही बंगाल में कैंप कर रहे जेपीएस राठौर

उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक प्रदेश महामंत्री रहे जेपीएस राठौर को उनकी मजबूत संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए अक्टूबर में ही बंगाल भेज दिया गया था. वे कोलकाता दक्षिण क्षेत्र का प्रभार संभाल रहे हैं. इससे पहले भी विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बंगाल में सक्रिय भूमिका निभायी थी.

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44 सांगठनिक जिलों में 5 का प्रभार भी यूपी के नेताओं को

उत्तर प्रदेश के पूर्व गन्ना विकास मंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष रहे सुरेश राणा को कोलकाता उत्तर की जिम्मेदारी दी गयी है. इससे पहले वे हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए काम कर चुके हैं. राज्य के 44 सांगठनिक जिलों में से 5 जिलों का प्रभार भी यूपी के नेताओं के पास है. इनमें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री दिनेश खटिक, संजय गंगवार, पूर्व सांसद अजय मिश्र टेनी और सुब्रत पाठक शामिल हैं.

हुगली जिले की जिम्मेदारी सुब्रत पाठक को

सुब्रत पाठक को हुगली जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां की 7 विधानसभा सीटों पर फिलहाल भाजपा का कोई विधायक नहीं है. हालांकि, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी. पूर्व मंत्री स्वाति सिंह को कोलकाता दक्षिण की बेहाला सीट, उपेंद्र तिवारी को हावड़ा टाउन की संकराईल सीट और आनंद शुक्ला को हाबरा सीट का दायित्व दिया गया है.

बैरकपुर में कैंप कर रहे धर्मेंद्र भारद्वाज

मेरठ-गाजियाबाद क्षेत्र से एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज बैरकपुर जिले की जगदल विधानसभा सीट और कानपुर से एमएलसी अरुण पाठक अभी नैहाटी सीट पर कैंप कर रहे हैं. इतना ही नहीं, जिला, क्षेत्र और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक पदाधिकारियों को भी चुनावी रणनीति के तहत पश्चिम बंगाल भेजा गया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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