बिक्री कर संबंधी विवादों के निबटान को लेकर विधेयक पारित

विधानसभा ने गुरुवार को बिक्री कर (सेल्स टैक्स) संबंधी विवादों के निबटारे से संबंधित पश्चिम बंगाल बिक्री कर (सेटलमेंट आफ डिस्प्यूट) संशोधन विधेयक, 2025 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया.

लंबित मामलों में करदाताओं को 75 प्रतिशत राशि का भुगतान कर विवाद निबटाने की मिलेगी सुविधा

समझौते के माध्यम से मामला निबटाने पर ब्याज और पेनाल्टी से मिलेगी छूट

संवाददाता, कोलकाता

विधानसभा ने गुरुवार को बिक्री कर (सेल्स टैक्स) संबंधी विवादों के निबटारे से संबंधित पश्चिम बंगाल बिक्री कर (सेटलमेंट आफ डिस्प्यूट) संशोधन विधेयक, 2025 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया. वित्त मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बुधवार को यह विधेयक पेश किया था. विधेयक पर दो दिनों तक डेढ़-डेढ़ घंटे की चर्चा के बाद विपक्षी भाजपा सदस्यों की अनुपस्थिति में इसे पारित कर दिया गया.

प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य पश्चिम बंगाल बिक्री कर (विवादों का निपटान) अधिनियम, 1999 में संशोधन कर करदाताओं को विभिन्न अपीलीय प्राधिकारियों के समक्ष लंबित विवादित मामलों को निबटाने की अनुमति देकर उन्हें राहत देना है. विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि मार्च, 2025 तक बिक्री कर संबंधी विवाद से जुड़े जो अपील लंबित हैं, वैसे मामलों में करदाताओं को असेसमेंट का 75 प्रतिशत राशि का भुगतान कर विवाद निबटाने (सेटलमेंट) की सुविधा होगी. ऐसे करदाता को ब्याज और पेनाल्टी से छूट मिलेगी.

उन्होंने कहा कि संशोधन का उद्देश्य करदाता और राज्य सरकार दोनों को लाभ पहुंचाना है. यदि मूल कर की वसूली कानूनी विवादों में पड़े बिना समझौते के माध्यम से की जा सकती है तो यह करदाता और राज्य सरकार, दोनों के लिए जीत वाली स्थिति होगी. मंत्री ने सदन को बताया कि 2023 में भी विवादित मामलों के निबटारे को इसी तरह का संशोधन विधेयक लाया गया था. उससे पहले भी ऐसा विधेयक आ चुका है. दूसरे राज्यों में इस तरह का विधेयक आता है. उन्होंने कहा कि ब्रिकी कर संबंधी मामले विभिन्न अपीलेट अथारिटी के पास जाते हैं जिसके निबटारे में काफी समय लग जाता है. उसमें खर्च के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होती है. अगर करदाता मामला निबटाना चाहते हैं, तो उनको इससे काफी राहत मिलेगी, क्योंकि ब्याज और पेनाल्टी से हम छूट दे रहे हैं, जो एक बड़ी राशि होती है. मंत्री ने कहा कि 2023 में बिक्री कर संबंधी 20,798 केस थे. फिलहाल बिक्री कर संबंधी विवाद की राशि करीब साढ़े आठ से नौ हजार करोड़ रुपये की हैं. मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना के लिए हम किसी को बाध्य नहीं कर रहे हैं. जो लोग समझौते के माध्यम से मामला निबटाना चाहते हैं वे आवदेन कर सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि 2023 में 907.14 करोड़ विवाद की राशि वसूले गये थे.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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