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Bengal News: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को अपडेट कर रही है. बंगाल में यह काम फरवरी में पूरा हो जाना है. भाजपा और तृणमूल के बीच SIR के फार्म – 7 को लेकर बहुत विवाद है. भाजपा लगातार चुनाव आयोग से फार्म – 7 जमा करने के लिए समय की मांग कर रही है. तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं. भाजपा की मांग पर चुनाव आयोग एक बार समय बढ़ा चुका है, भााजपा एक बार फिर समय की मांग कर रही है. तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा के लोग इस फॉर्म के माध्यम से वैध मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं.
खत्म हो चुकी है फार्म-7 जमा करने की तारीख
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, फॉर्म 7 जमा करने की अंतिम तिथि सोमवार, 19 जनवरी थी. पहले इसके लिए 15 जनवरी तक का समय दिया गया था, लेकिन बाद में आयोग ने समय सीमा बढ़ा दी. अब भाजपा ने समय सीमा को और आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है. राज्य भाजपा नेतृत्व ने इस मांग के साथ आयोग से संपर्क किया. भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच फॉर्म 7 जमा करने को लेकर कई जगहों से झड़पों की तस्वीरें सामने आती रहीं हैं. भाजपा का दावा है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं को किसी न किसी तरह से सूचना मिल जाती है, जब भी वे फॉर्म 7 जमा करने जाते हैं. इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की पिटाई और उन्हें परेशान किया जाता है. भाजपा ने मांग की है कि समय सीमा कम से कम सात दिन और बढ़ाई जाए. भाजपा ने इस मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है.
क्या है फार्म-7
मतदाता सूची में किसी मृत या स्थानांतरित मतदाता का नाम शामिल है, तो उसका नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 भरकर जमा करना होता है. भाजपा कार्यकर्ता फॉर्म 7 जमा कर अवैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की मांग कर रहे हैं. तृणमूल का आरोप है कि भाजपा इस फॉर्म के माध्यम से वैध मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रही है. इसीलिए तृणमूल विरोध प्रदर्शन कर रही है. बंगाल में कई स्थानों पर फॉर्म 7 को फाड़े या जलाए जाने की तस्वीरें देखी गईं. हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक सभा में कहा था -अगर कोई हद से ज्यादा आगे बढ़ जाता है, तो मैं रबिंद्र संगीत के साथ थोड़ा डीजे भी बजा दूंगा.
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