कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट
Bengal News: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में लंबे समय से चल रहे फर्जी लॉटरी कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. जिले के नितुरिया थाना पुलिस ने इस अवैध नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10.42 लाख रुपये नकद बरामद किया है. पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय फर्जी लॉटरी गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है. फर्जी लॉटरी के कारण जहां आम लोग ठगी का शिकार हो रहे थे, वहीं राज्य सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंच रहा था. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
पहले भी हुई है इस मामले में गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 23 अप्रैल 2025 को फर्जी लॉटरी बेचने के आरोप में दो विक्रेताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से बड़ी संख्या में नकली लॉटरी टिकट और 22 हजार रुपये नकद बरामद हुए थे. उस कार्रवाई के बाद से गिरोह का मुख्य आरोपी फरार चल रहा था. गुप्त सूचना के आधार पर रविवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शक्ति यादव और गणेश साहू के रूप में हुई है. शक्ति यादव नितुरिया क्षेत्र में फर्जी लॉटरी के वितरण का काम करता था, जबकि गणेश साहू को इस पूरे रैकेट का मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है.
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झारखंड से जुड़े हैं इस रैकेट के तार
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फर्जी लॉटरी टिकट कई स्तरों से होकर विक्रेताओं तक पहुंचाये जाते थे. जांच एजेंसियों को इस रैकेट के झारखंड से जुड़े होने की भी आशंका है, क्योंकि पहले की जांच में भी अंतरराज्यीय नेटवर्क के संकेत मिले थे. पुलिस का कहना है कि आरोपी सरकारी मान्यता प्राप्त लॉटरी टिकटों की हूबहू नकल तैयार करते थे, जिसे पहचानना आम लोगों के लिए बेहद मुश्किल होता था. इस कारोबार में विक्रेताओं को वैध लॉटरी की तुलना में दोगुना कमीशन मिलता था, जिसके कारण यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा था.
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