बंगाल निवेश व रोजगार का मजबूत इंजन

दावा. बिजनेस एंड इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सीएम ने कहा- बंगाल पूर्वी भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब

दावा. बिजनेस एंड इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सीएम ने कहा- बंगाल पूर्वी भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल आज देश के सबसे उद्योग-अनुकूल और निवेश के लिए तैयार राज्यों में शामिल हो चुका है. महानगर के अलीपुर स्थित धनधान्य ऑडिटोरियम में आयोजित बिजनेस एंड इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को रेखांकित किया. ममता बनर्जी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पूर्वी भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब विकसित किया गया है, जिसकी वेयरहाउसिंग क्षमता 24 लाख टन है. लॉजिस्टिक्स सेक्टर को उद्योग का दर्जा दिये जाने के बाद अमेजन और इंस्टाकार्ट जैसी वैश्विक कंपनियों ने राज्य में निवेश किया है. उन्होंने लॉजिस्टिक्स और निर्यात वृद्धि के क्षेत्र में विश्व बैंक के साथ की गयी साझेदारी को बंगाल के लिए गर्व का विषय बताया. मुख्यमंत्री ने निवेश प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्टेट लेवल इन्वेस्टमेंट सिनेर्जी कमेटी के माध्यम से सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्था लागू की गयी है. इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, एक्सपोर्ट प्रमोशन, डेटा सेंटर, टी-टूरिज्म, एथेनॉल उत्पादन और सैंड माइनिंग जैसी नीतियां लागू कर निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है. सीएम ने कहा कि पिछले साढ़े 14 वर्षों में पश्चिम बंगाल में करीब दो करोड़ रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं. बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के माध्यम से अब तक 13 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं. इसके अलावा छह नये आर्थिक कॉरिडोर विकसित किये जा रहे हैं, जिनसे दो लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश और एक लाख से ज्यादा नये रोजगार सृजित होने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि आइटी और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में राज्य में 2,800 से अधिक कंपनियां और लगभग दो लाख पेशेवर कार्यरत हैं. एमएसएमइ सेक्टर पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 93 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग इकाइयां हैं, जिनसे 1.3 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है. इनमें महिलाओं द्वारा संचालित एमएसएमइ की संख्या देश में सबसे अधिक है. ‘उत्कर्ष बांग्ला’ योजना के तहत 42 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 10 लाख से अधिक को रोजगार मिला है. जीएसटी के नाम पर केंद्र ने 20 हजार करोड़ रुपये रोके इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जीएसटी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी के नाम पर केंद्र सरकार राज्य से करीब 20 हजार करोड़ रुपये लेकर चली गयी है. मंच से उन्होंने राज्य के पूर्व वित्त मंत्री और वर्तमान मुख्य सलाहकार अमित मित्र के पुराने फैसले पर भी सवाल उठाये. ममता ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों के पास कोई स्वतंत्र कर व्यवस्था नहीं बची है. उन्होंने कहा कि जीएसटी की शुरुआत के समय दावा किया गया था कि इससे राज्यों को लाभ होगा. मुख्यमंत्री ने मंच पर मौजूद अमित मित्र की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने ही उस समय एक समान कर व्यवस्था को राज्य के हित में बताया था, अब उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य के हिस्से का पैसा क्यों रोका जा रहा है. उधर, मुख्यमंत्री के सवाल पर अमित मित्र ने जवाब देते हुए कहा कि संसद में केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि जीएसटी व्यवस्था में करीब दो लाख करोड़ रुपये की गड़बड़ी हुई है. इस पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि नुकसान दो लाख करोड़ तक सीमित है या इससे भी ज्यादा, यह कोई नहीं जानता. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जीएसटी से राज्य को लाभ हो रहा है या नुकसान. सीएम ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने स्वयं स्वीकार किया था कि जीएसटी को समर्थन देना उनकी राजनीतिक भूल थी. उन्होंने कहा कि सहयोगी संघीय ढांचे पर भरोसा रखते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार ने जीएसटी को मंजूरी दी थी, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हो गया कि इससे राज्यों को लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जीएसटी के तहत राज्य का एसजीएसटी और आइजीएसटी पहले केंद्र के पास चला जाता है और बाद में राज्यों को उनका हिस्सा समय पर नहीं लौटाया जा रहा है.

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By SANDIP TIWARI

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