मुख्य बातें
शिव कुमार राउत कोलकाता. पश्चिम बंगाल में मंगलवार की सुबह दो बड़े अग्निकांड की घटनाओं से हड़कंप मच गया. हावड़ा के उलूबेड़िया स्थित एक जूट मिल और दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर इलाके में एक स्याही (काली) बनाने वाली फै्ट्री में भीषण आग लग गयी. इन दोनों घटनाओं में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जतायी जा रही है. हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
उलूबेड़िया की नॉर्थ जूट मिल में लगी आग
उलूबेड़िया के बाउड़िया स्थित नॉर्थ जूट मिल में सोमवार देर रात आग लगी थी. मिल के बी-1 और बेल गोदाम सेक्शन से आग आग लगी थी. सबसे पहले मिल के सुरक्षाकर्मियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गयी. गोदाम में भारी मात्रा में जूट और ज्वलनशील सामान रखे होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया. सूचना मिलते ही दमकल की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. करीब 10 घंटे की लगातार मशक्कत के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका. मिल प्रबंधन के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 40 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है. आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है.
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नरेंद्रपुर की फैक्ट्री में भी लगी भीषण आग
वहीं, दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर इलाके में मंगलवार सुबह एक स्याही बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग लग गयी. स्थानीय लोगों ने फैक्ट्री से उठती लपटें और धुआं देखकर दमकल विभाग को सूचना दी. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में प्रतिमा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई रसायन और ज्वलनशील पदार्थ रखे थे. इसी वजह से आग तेजी से फैल गयी. दमकल की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया. दमकल अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्री में मौजूद केमिकल्स के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई हो रही है.
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