बंगाल में कमल का कटआउट ढोते दिखे केंद्रीय बल के जवान, विवाद के बाद भाजपा उम्मीदवार ने दी ये सफाई

Bengal Election: तृणमूल के जिला नेतृत्व ने भाजपा उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है. तृणमूल ने चुनाव आयोग से संपर्क किया है. भाजपा उम्मीदवार नीलाद्री शेखर दाना ने इस घटना पर अपना स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने दृढ़तापूर्वक दावा किया कि देवी दुर्गा की पूजा कमल के फूलों से की गई थी.

Bengal Election: कोलकाता/ बांकुरा: पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा गार्ड के हाथों में भाजपा का चुनाव चिन्ह की तस्वीर नया विवाद पैदा कर दी है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस तस्वीर को लेकर बांकुरा की राजनीति में भारी हंगामा मच गया है. बांकुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार नीलाद्री शेखर दाना विवादों में घिर गए हैं. विवादों से घिरते हुए उम्मीदवार ने एक बार फिर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चौंकाने वाला स्पष्टीकरण दिया है. नीलाद्री का कहना है कि जिन्होंने अभी तक कमल का फूल ग्रहण नहीं किया है, वे राष्ट्रविरोधी हैं. उन्होंने राम को भी नहीं बख्शा.

भाजपा का तृणमूल पर रहा है ये आरोप

भाजपा ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर पार्टी के उद्देश्यों के लिए राज्य पुलिस का इस्तेमाल करने का बार-बार आरोप लगाया है. भाजपा के सदस्यों ने भी चुनाव से पहले राज्य पुलिस की भूमिका को लेकर आयोग से बार-बार शिकायतें की हैं. चुनाव आयोग ने चुनावों में राज्य पुलिस की शक्ति को नियंत्रित करने और चुनावों को स्वतंत्र और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कदम उठाए हैं. इसके बावजूद, राज्य में लगभग हर जगह केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है. इस बार इन केंद्रीय बलों पर भी भाजपा का कमल ढोने का आरोप लगे हैं.

कार्यकर्ता की तरह काम करते दिखे केंद्रीय बल

बांकुरा से भाजपा उम्मीदवार नीलाद्री शेखर दाना पर आरोप है कि उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों को अपने कार्यकर्ताओं की तरह पार्टी के चुनाव चिह्न ढोने में लगा दिया है. सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में भाजपा उम्मीदवार नीलाद्री शेखर दाना को कार से एक गांव में चुनाव प्रचार के लिए जाते हुए दिखाया गया है. कार से उतरने के बाद, वह केंद्रीय सुरक्षा गार्ड को कुछ निर्देश देते हैं. इसके बाद, गार्ड कार के पीछे से कमल के फूल के कई कटआउट निकालता है और उन्हें कुछ दूरी पर खड़े भाजपा कार्यकर्ताओं को देता है. कुछ ही पलों में, पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

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सबके हाथों में होंगे कमल के फूल

इसके बाद तृणमूल की आलोचना शुरू हुई. तृणमूल के जिला नेतृत्व ने भाजपा उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग करते हुए चुनाव आयोग से संपर्क किया है. भाजपा उम्मीदवार नीलाद्री शेखर दाना ने इस घटना पर अपनी अलग व्याख्या दी है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देवी दुर्गा की पूजा कमल के फूलों से की जाती है. इसलिए, सबके हाथों में कमल के फूल होंगे. जिन्होंने अभी तक कमल के फूल नहीं उठाए हैं, वे राष्ट्रविरोधी और ईश्वरविरोधी हैं. नीलाद्री ने कहा- कमल के फूल सबके हाथों में होंगे, जिन्होंने कमल के फूल नहीं उठाए हैं, वे राष्ट्रविरोधी और ईश्वरविरोधी हैं. भगवान राम ने भी आकाश बोधन इसी कमल के फूल से किया था.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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