बंगाल में इलेक्शन कमीशन की चौतरफा घेराबंदी, 4000 टीमों का पहरा, 3.5 लाख केस दर्ज, 181 करोड़ की जब्ती

West Bengal Election 2026 Cash Seized: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले चुनाव आयोग ने 181 करोड़ रुपए की नकदी और अवैध सामग्री जब्त की है. 4,000 से ज्यादा टीमें निगरानी में जुटी हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

West Bengal Election 2026 Cash Seized: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर राज्य में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) आदर्श आचार संहिता (MCC) का डंडा पूरी सख्ती से चल रहा है. निर्वाचन आयोग ने सोमवार को जानकारी दी कि चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक राज्य के विभिन्न हिस्सों से 181 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अवैध नकदी, शराब, मादक पदार्थ और अन्य उपहार सामग्री जब्त की गयी है. आयोग की इस ‘चौतरफा घेराबंदी’ ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है.

अवैध प्रचार पर बुलडोजर प्रहार : 3 लाख से ज्यादा पोस्टर हटाये

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, सरकारी और निजी संपत्तियों को विज्ञापनों से पाटने वालों के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान जारी है. अब तक 3 लाख से अधिक पोस्टर हटाये जा चुके हैं.

  • सार्वजनिक संपत्ति : अवैध पोस्टर और बैनर लगाने के 3,11,829 मामले दर्ज किये गये हैं.
  • निजी संपत्ति : बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाने के 19,901 मामले सामने आये हैं.
  • कुल कार्रवाई : अब तक राज्य भर में कुल 3,58,986 मामले दर्ज कर अवैध सामग्री को हटाया गया है.

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ग्राउंड जीरो पर तैनात हैं 4000 से ज्यादा टीमें

बंगाल चुनाव 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने निगरानी तंत्र को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया है. इलेक्शन कमीशन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की ‘वोट के बदले नोट’ वाली साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जायेगा. निगरानी तंत्र की टीमों का डिटेल समझ लीजिए.

  • उड़न दस्ते (FST) : 1,800 से अधिक टीमें संदिग्ध गतिविधियों और नकदी के लेन-देन पर नजर रख रही हैं.
  • स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST): 2,200 से अधिक टीमें प्रमुख नाकों और सीमाओं पर तैनात हैं.

कालीघाट और बड़ानगर में तनाव, पुलिस का सख्त एक्शन

कानून-व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन अलर्ट मोड में है. कालीघाट और बड़ानगर में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के बाद कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों (CAPF) ने मोर्चा संभाल लिया है. मतदाताओं को डराने-धमकाने और आपराधिक धमकी देने के मामलों में कई गिरफ्तारियां हुई हैं. साथ ही, भारी मात्रा में बिना लाइसेंस वाले हथियार और विस्फोटक भी बरामद किये गये हैं.

2 चरणों में होगा बंगाल का फैसला

बंगाल की 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में वोट डाले जायेंगे. 4 मई को नतीजे घोषित होंगे. आयोग की सक्रियता से साफ है कि इस बार चुनाव में गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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