रंगदारी के आरोपों पर बंगाल बीजेपी की बड़ी कार्रवाई, 30 से अधिक पदाधिकारी निलंबित, 200 को नोटिस

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपना रही है. पार्टी ने रंगदारी और कट मनी के आरोपों में 200 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. 30 से अधिक को निलंबित कर दिया गया है.

पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रंगदारी (तोलाबाजी), कट मनी और सिंडिकेट संस्कृति के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य की चेतावनी के बाद अब पार्टी ने अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. बाकायदा इसके आंकड़े भी सार्वजनिक कर दिये हैं. पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर जरूरत पड़ी, तो भविष्य में यह कार्रवाई और भी कड़ी होगी.

200 से अधिक को कारण बताओ नोटिस

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, चुनाव परिणाम आने के बाद से ही पार्टी की अनुशासन समिति (Disciplinary Committee) अत्यधिक सक्रिय है. राज्य में पहली बार सरकार बनाने के बाद पार्टी अपनी छवि को लेकर काफी सतर्क है. अनुशासन समिति के प्रमुख प्रताप बनर्जी ने चुनाव जीत के शुरुआती तीन हफ्तों में ही 50 लोगों को शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें अगले आदेश तक सभी दलीय कार्यों से अलग (सस्पेंड) रहने को कहा गया था. अब तीन महीने बीतने के बाद ऐसे नोटिस पाने वालों की कुल संख्या 200 के पार पहुंच चुकी है.

30 से अधिक पर रंगदारी और कट मनी का आरोप

200 से अधिक निलंबन पत्रों में से अधिकांश मामले अनुशासनहीनता, शीर्ष नेतृत्व के आदेश की अवहेलना और अन्य पार्टियों के दफ्तरों पर कब्जे से जुड़े हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्तर पर रंगदारी और कट मनी की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए समिति को विशेष निगरानी के निर्देश दिये गये हैं. वर्तमान में रंगदारी और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों में 30 से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता निलंबित हैं.

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वाशिंग मशीन से धोकर नहीं लाये : बीजेपी

हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा था कि रंगदारी के खिलाफ पार्टी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है, चाहे आरोपी कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो.

  • दिलीप घोष (पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री) ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि कुछ लोग वसूली के ‘शहद’ के आदी हो रहे हैं. उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है.
  • अग्निमित्रा पॉल (शहरी विकास मंत्री) ने कहा कि पार्टी में हर किसी को वाशिंग मशीन से धोकर शामिल नहीं किया गया है. अगर कोई सरकार में आने के बाद अनुचित तरीके से पैसा कमाने की सोच रहा है, तो वह बहुत बड़ी भूल कर रहा है.
  • देवजीत सरकार (मुख्य प्रवक्ता) ने बुधवार को दोहराया कि रंगदारी और कट मनी की शिकायत मिलने पर पार्टी सीधे कार्रवाई कर रही है. जरूरत पड़ने पर निष्कासित (Expel) भी किया जायेगा.

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अब तक 100 से अधिक मामलों का निपटारा

बीजेपी सूत्रों के अनुसार, कारण बताओ नोटिस पाने वाले 200 से अधिक केस में से 100 से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है. कई नेताओं ने बिना शर्त माफी मांगी, जबकि कुछ ने अपने बचाव में पुख्ता सबूत पेश किये. इसके बाद उनका निलंबन रद्द कर दिया गया. अभी भी 100 से अधिक लोग निलंबित चल रहे हैं. इनमें 30 से अधिक पर केवल रंगदारी के आरोप हैं. यह आंकड़ा सार्वजनिक कर बीजेपी ने राज्य भर के कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जायेगी.


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By मिथिलेश झा

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