सीमा क्षेत्र में लगाये जा रहे कंटीले तार

जहां फेंसिंग नहीं थी, वहां फेंसिंग की जा रही है.

कोलकाता. बांग्लादेश की मौजूदा हालात को लेकर उत्तर बंगाल में घुसपैठ की संख्या दोगुनी हो गयी है. सोमवार को बीएसएफ की ओर से यह दावा किया गया. घुसपैठ रोकने के लिए सुरक्षा कड़ी की गयी है. जहां फेंसिंग नहीं थी, वहां फेंसिंग की जा रही है. बीएसएफ के उत्तर बंगाल फ्रंटियर के आइजी सूर्यकांत शर्मा ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि तीन बीघा कॉरिडर को लेकर जो जटिलता थी, वह खत्म गयी है. इस दौरान बीएसएफ के डीआइजी (जनरल) कुलदीप सिंह, डीआइजी (ऑपरेशन) संजय शर्मा, डीआइजी (पीएसओ) संजय पंत भी मौजूद रहे. शर्मा ने बताया कि उत्तर बंगाल के आठ जिलों के अधीन लगभग 1937 किलोमीटर भारत व बांग्लादेश की सीमा पर बीएसएफ उतारा गया है. बांग्लादेश की मौजूदा हालात को देखते हुए सीमा पर निगरानी कड़ी की गयी है. अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गयी है. साथ ही थर्मल कैमरा, नाइट विजन कैमरा, सीसी कैमरा व ड्रोन से नजर रखी जा रही है. सीमा पर आर-पार होनेवाली जगह पर बायोमेट्रिक मशीन भी लगायी गयी ेहै. बोर्डर गार्ड बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ बातचीत कर भी समस्या को दूर करने पर चर्चा हो रही है. फेंसिंग के लिए जमीन अधिग्रहण करने के लिए राज्य सरकार से भी अच्छा सहयोग मिल रहा है. फिलहाल 10 फीसदी जगह पर फेंसिंग की व्यवस्था नहीं है. बहुत जल्द ही यहां फेंसिंग की व्यवस्था कर दी जायेगी. 2023 में यहां घुसपैठ करते 127 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा 173 भारतीय को भी गिरफ्तार किया गया था. इस वर्ष अभी तक 194 बांग्लादेशी व 197 भारतीय को गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही तीन रोहिंग्या व तीन अन्य घुसपैठिए सहित कुल 397 लोगों को पकड़ा गया है.

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