कूचबिहार में बांग्लादेश की सीमा पर लगेंगे कंटीले तार, बीएसएफ को मिली 185 एकड़ जमीन

कूचबिहार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ी पहल शुरू हुई है. जिला प्रशासन ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को लगभग 185 एकड़ जमीन सौंप दी है. अगले महीने 108 एकड़ अतिरिक्त जमीन भी हस्तांतरित की जाएगी.

कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट

भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कूचबिहार जिले में बड़ी पहल शुरू हो गयी है. लंबे समय से खुले पड़े सीमा क्षेत्रों में कंटीले तार लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को अब तक करीब 185 एकड़ जमीन सौंप दी है. प्रशासन का कहना है कि अगले एक महीने के भीतर 108 एकड़ अतिरिक्त जमीन भी बीएसएफ को हस्तांतरित कर दी जायेगी, जिससे फेंसिंग का काम तेजी से आगे बढ़ सके.

240 एकड़ जमीन की थी मांग

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में बीएसएफ ने जिले में 240 एकड़ जमीन की मांग की थी. इनमें से लगभग 185 एकड़ जमीन पहले ही बीएसएफ को दी जा चुकी है. इसके अलावा बीएसएफ ने हाल ही में 53 एकड़ अतिरिक्त भूमि की भी मांग की है. इस जमीन का सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है और अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है.

148 एकड़ भूमि पर कंटीले तार लगाने की योजना

बीएसएफ के प्रस्ताव के अनुसार सबसे अधिक जमीन मेखलीगंज ब्लॉक में चाहिए, जहां लगभग 148 एकड़ भूमि पर कंटीले तार लगाने की योजना है. इसके बाद दिनहाटा-2 ब्लॉक में करीब 50 एकड़ जमीन की आवश्यकता बतायी गयी है. इन दोनों इलाकों में अधिकांश भूमि प्रशासन बीएसएफ को उपलब्ध करा चुका है. इसके अलावा माथाभांगा और तूफानगंज महकमे में भी फेंसिंग के लिए जमीन चिह्नित करने का काम जारी है.

जिले में 50 किलोमीटर सीमा खुली हुई

सूत्रों के मुताबिक कूचबिहार जिले में अभी भी लगभग 50 किलोमीटर सीमा ऐसी है, जहां कंटीले तार नहीं लगे हैं. इनमें बड़ा हिस्सा नदी सीमा का है. नदी वाले क्षेत्रों में बीएसएफ वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था अपनाती है, लेकिन जहां जमीन के रास्ते सीमा खुली है, वहां जल्द से जल्द फेंसिंग पूरी करने की योजना बनायी गयी है.बीएसएफ द्वारा मांगी गयी जमीन में करीब 40 एकड़ सरकारी भूमि शामिल है, जिसे हस्तांतरित करने में कोई विशेष बाधा नहीं है.

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करीब 55 एकड़ जमीन का अधिग्रहण बाकी

पहले चरण की मांग के अनुसार अब भी करीब 55 एकड़ जमीन का अधिग्रहण बाकी है. जिला प्रशासन का कहना है कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही सीमा पर फेंसिंग का काम तेज कर दिया जायेगा. इससे अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार होने वाली अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी. प्रशासन और बीएसएफ का लक्ष्य है कि कूचबिहार के सभी खुले सीमा क्षेत्रों को जल्द से जल्द कंटीले तार से सुरक्षित कर दिया जाये.

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Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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