निपाह वायरस के संक्रमण से उबर चुकी 25 वर्षीय नर्स की बारासात के एक निजी अस्पताल में गुरुवार को हृदयगति रुकने से मौत हो गयी.
By AKHILESH KUMAR SINGH | Updated at :
लंबे समय तक कोमा में रहने के चलते नर्स की रोग प्रतिरोधक क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई थी, हृदयगति रुकने से मौत
संवाददाता, एजेंसियां, कोलकाता/नयी दिल्लीनिपाह वायरस के संक्रमण से उबर चुकी 25 वर्षीय नर्स की बारासात के एक निजी अस्पताल में गुरुवार को हृदयगति रुकने से मौत हो गयी. राज्य में पहली बार निपाह वायरस से संक्रमित किसी मरीज की मौत हुई है. राज्य स्वास्थय विभाग का मानना है कि नर्स की कार्डियक अरेस्ट होने से मौत हुई है. वह लंबे समय से क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती थीं. बताया जा रहा है कि फेफड़ों में संक्रमण हो गया था. निपाह संक्रमित कुल दो नर्सों को बारासात के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. इनमें से एक पुरुष है, जिसकी हालत अब पहले से बेहतर है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नर्स लंबे समय तक कोमा में रही, जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई और बाद में उसे फेफड़ों में संक्रमण हो गया. उन्होंने बताया कि नर्स को जनवरी के अंत में जीवन-रक्षक प्रणाली से हटाया गया था. अधिकारी ने बताया: आज दोपहर हृदयगति रुकने से उनकी मृत्यु हो गयी. वह निपाह संक्रमण से उबर चुकी थीं, लेकिन वह कई जटिलताओं से पीड़ित थीं.नर्स पूर्व बर्दवान जिले के कटवा की रहने वाली थीं. और लंबे समय से कोमा में थीं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो गयी थी. इलाज के दौरान उन्हें फेफड़ों का संक्रमण और अस्पताल से भी संक्रमण हो गया. अधिकारी ने बताया: वह होश में आने, अपने अंगों को हिलाने और बोलने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन अचानक उनकी हालत बिगड़ गयी. उनकी मौत शाम करीब 4:20 बजे हुई. नव वर्ष की छुट्टियों के लिए 31 दिसंबर को घर लौटने के बाद नर्स जनवरी की शुरुआत में पहली बार बीमार पड़ी थीं और उन्हें शुरू में बर्दवान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उन्हें बारासात के निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के मुताबिक दिसंबर से अब तक पश्चिम बंगाल से निपाह वायरस से संक्रमण के दो मामलों की पुष्टि हुई थी जिनमें से एक पुरुष नर्स इससे उबर चुका है.
क्या कहा राज्य स्वास्थ्य विभाग ने
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि मरीज की मौत निपाह वायरस से नहीं हुई है. विभाग के प्रधान सचिव नारायण स्वरूप निगम ने बताया कि मरीज की ताजा लैब रिपोर्ट निपाह के लिए नेगेटिव आयी थी. पुष्टि हुई है कि मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि मृत नर्स की पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी. बाद में नेगेटिव हो गयी थी. मौत का प्राथमिक कारण कार्डियक अरेस्ट ही माना जा रहा है.
क्या कहा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा: पश्चिम बंगाल से 11 जनवरी, 2026 को सामने आये निपाह संक्रमण के दो मामलों में से, गंभीर रूप से बीमार और गहन चिकित्सा देखभाल में भर्ती नर्स की आज अस्पताल में हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गयी. इससे पहले मंत्रालय ने कहा था कि निपाह वायरस रोग (एनआइवीडी) के मामलों के बारे में अटकलबाजी और गलत आंकड़े मीडिया के कुछ वर्गों में प्रसारित किये जा रहे हैं. मंत्रालय ने कहा था कि दो मामलों की पुष्टि होने के बाद, केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ घनिष्ठ समन्वय में, स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार त्वरित और व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय शुरू किये. पूर्व के बयान में कहा गया: पुष्टि किए गए मामलों से जुड़े कुल 196 संपर्कों की पहचान की गयी, उनका पता लगाया गया, उन पर नजर रखी गयी और उनकी जांच की गयी. पता लगाये गये सभी संपर्क लक्षणहीन पाये गये और निपाह वायरस संक्रमण की जांच में उनके प्रभावित नहीं होने की पुष्टि हुई.