भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में घुसकर एक भारतीय चाय किसान के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि घुसपैठ और तस्करी का विरोध करने के कारण बांग्लादेशी बदमाशों ने भारतीय नागरिक को जबरन उठा लिया.
घटना जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज ब्लॉक स्थित चाउलहाटी बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) के पास की बतायी जा रही है. घटना के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) सक्रिय हो गया है. बीएसएफ अधिकारियों ने भारतीय चाय किसान को वापस लाने के लिए शुक्रवार रात ही बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारियों के साथ फ्लैग मीटिंग की.
हालांकि, घटना के पीछे वास्तविक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है. प्रारंभिक तौर पर बीएसएफ अधिकारियों को आशंका है कि सीमा पर घुसपैठ और तस्करी रोकने की कोशिश के कारण यह घटना हुई हो सकती है.
जानकारी के अनुसार, राजगंज ब्लॉक के कुकुरजान ग्राम पंचायत अंतर्गत तसर पाड़ा निवासी दीपंकर गोप अपने चाय बागान में काम कर रहे थे. उनका चाय बागान बांग्लादेश सीमा के बेहद करीब है. आरोप है कि काम करने के दौरान अचानक कुछ बांग्लादेशी बदमाश भारतीय क्षेत्र में घुस आये और गोप को खींचते हुए जबरन सीमा पार ले गये.
गोप ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन बदमाश उन्हें अपने साथ ले जाने में सफल रहे. घटना की जानकारी मिलते ही बीएसएफ के अधिकारी मौके पर पहुंचे. भारतीय नागरिक को वापस लाने के लिए बीजीबी के साथ बातचीत शुरू की गयी.
सूत्रों के अनुसार, गोप अभी भी बांग्लादेश में हैं. उन्हें सुरक्षित और जल्द भारत वापस लाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं. घटना के बाद गोप के परिवार में चिंता का माहौल है. उसके पिता मिछरी लाल गोप ने कहा कि उनका बेटा रोज की तरह चाय बागान में काम करने गया था. बाद में उन्हें जानकारी मिली कि उसे सीमा पार ले जाया गया है.
उन्होंने कहा कि बीएसएफ बेटे को वापस लाने का प्रयास कर रही है और उनकी इच्छा है कि बेटा जल्द सुरक्षित घर लौट आये. गौरतलब है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से सीमा क्षेत्रों में कंटीले तार लगाने और निगरानी बढ़ाने का काम तेज किया गया है.
घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए बीएसएफ आधुनिक तकनीक के माध्यम से सीमा पर कड़ी नजर रख रही है. हालांकि, इस घटना के बाद सीमा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं.
