हाइकोर्ट ने रेलवे परियोजना का काम आगे बढ़ाने को कहा

पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए.

ग्रामीणों के विरोध के कारण रुका हुआ है भाबदिघी पुल का काम कोलकाता. भाबदिघी रेलवे परियोजना का काम कहां तक पहुंचा है? कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जानना चाहा है. कार्य की प्रगति की जानकारी देने के लिए 17 नवंबर को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया गया है. न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि रेलवे लाइन बंद करने को लेकर किसी भी प्रकार का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए. हुगली के भाबदिघी में रेलवे विभाग ने रेलवे पुल का काम शुरू किया था. हालांकि, ग्रामीणों के अवरोध के कारण काम रुका हुआ है. इस संबंध में उच्च न्यायालय में फिर से एक मामला दायर किया गया था. बुधवार को मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की खंडपीठ ने संबंधित मामले में आदेश दिया कि भाबदिघी पुल का काम पांच सितंबर से शुरू किया जाये. हुगली जिला पुलिस और प्रशासन को काम सुचारू रूप से पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया गया है. दरअसल, तारकेश्वर-बिष्णुपुर रेलवे परियोजना के 82.47 किलोमीटर में से केवल 600 मीटर हिस्से पर ही काम नहीं हो रहा था. यह काम भाबदिघी जंक्शन पर अटका हुआ था. परियोजना में बार-बार रुकावटें आ रही थीं. एक बैठक के बाद काम भी शुरू हुआ. लेकिन फिर से अराजकता शुरू हो गयी. ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे ने उनकी मांगें नहीं मानीं. इसलिए उन्होंने फिर से विरोध प्रदर्शन किया. दरअसल, इलाके के लोगों की मांग थी कि जलस्रोत को संरक्षित करते हुए रेलवे का निर्माण किया जाये. वे तालाब को अपनी आजीविका और पेयजल का स्रोत मानते हैं, इसलिए वे तालाब को भरकर रेलवे के निर्माण का विरोध कर रहे हैं.

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Author: GANESH MAHTO

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