पुलिस ने बैरकपुर कोर्ट में अरेस्ट वारंट के लिए किया था आवेदन
संवाददाता, जगदल बैरकपुर के पूर्व सांसद व भाजपा नेता अर्जुन सिंह के खिलाफ मंगलवार को बैरकपुर कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया. 26 मार्च की रात जगदल थाना के मेघना मोड़ इलाके में गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसमें तृणमूल कार्यकर्ता मोहम्मद सद्दाम उर्फ मोइनुद्दीन के पैर में गोली लगी थी.पुलिस के मुताबिक, जख्मी युवक ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि अर्जुन सिंह ने ही अपने लोगों के साथ आकर उसे गोली मारी. घटना के बाद से ही श्री सिंह को पूछताछ के लिए जगदल थाने की पुलिस ने कुल पांच बार नोटिस भेजा, लेकिन वह थाने में हाजिर नहीं हुए. पहले दिन दो बार नोटिस जारी हुए. हाजिर नहीं होने पर पुलिस उनके घर जाकर पूछताछ की थी. फिर दूसरे दिन तीन बार नोटिस जारी कर उन्हें तलब किया गया था लेकिन वह अपनी व्यस्तता बताते हुए हाजिर नहीं हुए थे. फिर पुलिस ने इस मामले में बैरकपुर कोर्ट में अरेस्ट वारंट जारी करने के लिए आवेदन किया. फिर कोर्ट से अरेस्ट वारंट जारी किया गया.
जख्मी युवक ने कहा है कि अर्जुन सिंह अपने लोगों के साथ आये और उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने जब यह कहा कि यही पार्षद के साथ रहता है, इतने पर ही उन्होंने रिवाल्वर निकाल कर उसे गोली मारी. इधर, श्री सिंह ने कहा है कि उनके खिलाफ फर्जी एफआइआर किया गया है. सीसीटीवी फुटेज में तृणमूल नेता नमित सिंह हथियार के साथ दिख रहा है. स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामला भी दर्ज किया और फिर उल्टा मेरे खिलाफ कैसे गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया. कोर्ट ने पुलिस की बात सुनकर यह वारंट जारी किया है. इसके खिलाफ वह हाइकोर्ट जा रहे हैं. वहीं, जगदल के विधायक सोमनाथ श्याम ने आरोप लगाया है कि अर्जुन सिंह ने ही गोली चलायी. घटना के दिन फिरोज और नमित की हत्या की साजिश थी. अर्जुन सिंह घर से निकल कर दौड़ कर घटनास्थल पर जाते हुए देखे गये हैं. उनका उद्देश्य ही नमित और फिरोज की हत्या करना था. अब कोर्ट से वारंट जारी हुआ है, तो पुलिस प्रशासन कानूनी तरीके से काम करेगा.घटना के दिन मेघना जूट मिल के पास गोलीबारी व बमबाजी की घटना में मोहम्मद सद्दाम के पैर में गोली लगी थी. घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज में नमित सिंह के हाथ में आर्म्स देखे गये थे, जिसके बाद पुलिस ने नमित सिंह समेत दो के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया. वहीं सीसीटीवी फुटेज में बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को भी घटनास्थल की ओर जाते हुए देखे जाने व कथित तौर पर उनके साथ मौजूद लोगों के हाथों में डंडे होने का आरोप लगा था. इसके बाद ही पुलिस ने उन्हें कई बार नोटिस भेजा था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
