मुख्य बातें
Anandapur Fire: कोलकाता: रात से सुबह और सुबह से रात हो गयी, लेकिन आनंदपुर का गोदाम 24 घंटे बीत जाने के बावजूद भी धुआं की चपेट में है. सोमवार को पूरे दिन इंतजार करने के बाद भी, श्रमिक परिवारों की आंखों के सामने उम्मीद की एक किरण दिखाई देती है. हालांकि समय बीतने के साथ-साथ आनंदपुर में लापता हुए श्रमिकों के परिजनों में आक्रोश व्यक्त हो रहा है. दमकलकर्मियों ने आनंदपुर स्थित सूखे खाद्य पदार्थ के कारखाने में लगी आग को बुझाने के लिए युद्धकालीन सतर्कता बरती, लेकिन वे बार-बार भयंकर लपटों को नियंत्रित करने के बावजूद उठते धुआं को शांत करने में विफल रहे. स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी के बिना दमकलकर्मी कुछ नहीं कर सकते. हमें अपने जान-पहचान वालों के शव खुद ही ढूंढने पड़ सकते हैं.
24 घंटे बाद भी उठ रहा धुआं
राहत कार्य शुरू होने के 24 घंटे बीत चुके हैं. रात से सुबह हो चुकी है और सुबह से रात हो गई है. इस बीच, कई जले हुए शव और कंकाल बरामद किए गए हैं, लेकिन धुआं अभी भी लोगों को अंदर जाने ये रोक रहा है. मंगलवार की सुबह के 6 बजे तक हालात ऐसे ही थे. पानी की किल्लत के कारण 24 घंटे बाद 12 इंजन नहीं, केवल पाँच इंजन बचे हैं. वे बार-बार आ-जा रहे हैं और पानी की बौछारें मार रहे हैं, लेकिन धुआं कायम है. कहा जा रहा है कि आनंदपुर स्थित नाज़िराबाद गोदाम के अंदर अभी भी आग तेज़ी से जल रही है. नतीजतन, आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. सोमवार शाम को नाज़िराबाद स्थित गोदाम में अर्थ मूवर मशीनें लाई गईं. जलने की गंध अभी भी हवा में फैली हुई थी.
बढ़ सकती है मरनेवालों की संख्या
विशाल गोदाम के बाहर जमा परिजनों की भीड़ ने दावा किया कि आग लगने की रात वहां 30 से अधिक मजदूर मौजूद थे. फिलहाल मिल रही जानकारी इसी ओर इशारा कर रही है. शुरुआत में तीन मजदूरों के मारे जाने की खबर थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर आठ हो गई. 25 लोग अभी भी लापता हैं. आग पर अभी तक पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है, इसलिए माना जा रहा है कि वे गोदाम में ‘फंस’ गए होंगे. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बरामद जले हुए शवों और कंकालों की पहचान के लिए परिवारों के डीएनए नमूने एकत्र किए जाएंगे. इसके आधार पर, कंकालों की पहचान होने के बाद संबंधित परिवारों को सूचित किया जाएगा.