अमित शाह ने अमूल के संयंत्र की रखी आधारशिला, कहा- वामपंथ और तृणमूल सरकारों ने बंगाल का किया नुकसान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हुए राजनीतिक बदलाव को आजादी के बाद सबसे अनोखा बताया. उन्होंने हावड़ा में अमूल के 700 करोड़ के मेगा डेरी संयंत्र की आधारशिला रखी, जो 1.25 लाख किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगा.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलकाता में कहा कि पश्चिम बंगाल में आया राजनीतिक बदलाव आजादी के बाद देश के किसी भी राज्य में हुए परिवर्तन से बिल्कुल अलग और अनोखा है. उन्होंने राज्य की मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की कार्यशैली की जमकर तारीफ की. उन्होंने वामपंथी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों को जमकर कोसा.

बंगाल का बदलाव ऐतिहासिक : अमित शाह

अमित शाह ने पूर्वी कोलकाता के न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर से हावड़ा में बनने वाले अमूल के मेगा संयंत्र की डिजिटल आधारशिला रखने के दौरान कहा कि पहले बंगाल पर तीन दशक (30 साल) तक वामपंथ की विदेशी विचारधारा का शासन रहा. उसके बाद 15 वर्षों तक भ्रष्ट एवं वैचारिक रूप से दिवालिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार रही, जिसने राज्य को पीछे धकेला. लेकिन अब यहां की जनता ने जो बदलाव चुना है, वह ऐतिहासिक है.

घुसपैठ, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर हुए बड़े फैसले

अपने 3 दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर शासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की है. शाह ने कहा कि पिछले दो दिनों के भीतर हमने राज्य में घुसपैठ को पूरी तरह रोकने, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई ठोस कदमों पर गंभीर चर्चा की है और कई बड़े फैसले लिये हैं.

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डेयरी सेक्टर के लिए ‘मील का पत्थर’ बनेगी अमूल परियोजना

अमित शाह ने हावड़ा में बनने जा रहे अमूल प्लांट की तारीफ करते हुए कहा कि यह परियोजना पश्चिम बंगाल के डेरी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी और इससे दुग्ध उत्पादकों की आय में क्रांतिकारी सुधार आयेगा.

परियोजना की मुख्य बातें

  • निवेश : इस मेगा प्रोजेक्ट में करीब 700 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है.
  • क्षमता : संयंत्र में प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण (Processing) किया जायेगा.
  • उत्पादन : यहां रोजाना 10 लाख किलोग्राम (1,000 टन) दही और अन्य उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पादों का निर्माण होगा.
  • लाभार्थी : इस परियोजना से बंगाल के 1.25 लाख से अधिक डेयरी किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. इनमें 30,000 से अधिक महिला किसान हैं.

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पूर्वी भारत में सरकारी डेयरी नेटवर्क होगा मजबूत

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूर्वी भारत में सहकारी डेयरी नेटवर्क को मजबूत करना और स्थानीय किसानों के लिए एक स्थायी व सुरक्षित बाजार तैयार करना है. न्यू टाउन में आयोजित यह कार्यक्रम गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय व्यस्त बंगाल दौरे का आखिरी आधिकारिक कार्यक्रम था. कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत कई वरिष्ठ मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे.

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By Mithilesh Jha

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