कोलकाता. कोलकाता में शुक्रवार की रात से ही ठंडी हवाएं बह रही है, जिससे कोलकाता में ठंड बढ़ गयी है. ठंड बढ़ने के साथ ही महानगर में वायु प्रदूषण का भी स्तर बढ़ा है. इस बीच कोलकाता में सूखी पत्तियां जलाने से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है. पर्यावरण संगठनों का दावा है कि इस संबंध में एक पर्यावरण संगठन पीपुल्स यूनाइटेड फॉर लिविंग इन कलकत्ता (पब्लिक) की ओर से प्रदूषण रोकने के सुझावों के साथ कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को शिकायत पत्र भेजा गया है.
उक्त संगठना का दावा है कि कोलकाता की एयर क्वालिटी धीरे-धीरे खराब हो रही है. शहर के अलग-अलग इलाकों में सूखे पत्तों को अंधाधुंध जलाया जा रहा है, जिससे प्रदूषण कई गुना बढ़ रहा है. ऐसे में पब्लिक ने मेयर फिरहाद हकीम को इस अनचाहे प्रदूषण को रोकने के लिए पुराना तरीका अपनाने की सलाह दी है. संगठन ने कोलकाता के मेयर के अलावा निगम के पर्यावरण विभाग के मेयर परिषद के सदस्य और निगम आयुक्त को भी पत्र की प्रति भेजी है. इस पत्र में कहा गया है कि वे इस घटना को लेकर नागरिकों के तौर पर चिंतित हैं. पत्र में यह भी लिखा गया है कि निगम के सफाई कर्मचारी पत्तियां जलाते हैं. पहले सफाई कर्मी और इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में यह रास्ता अपनाया जाता था, लेकिन अब निगम के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के पास मॉडर्न गाड़ियां हैं. वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार हुआ है, पर इसके बाद भी सूखी पत्तियां जलायी जा रही हैं, जो सही नहीं है. पत्र में अपील की गयी है कि निगम के हर गार्डन पार्क में एक गड्ढा बनाया जाये और सूखी पत्तियां जलाने के बजाय, उन्हें वहां जमा किया जाये.
जिसे भविष्य में खाद में बदला जा सकेगा. इस कार्य में पुलिस की मदद ली जाये. इसके अलावा सिक्योरिटी गार्ड को भी गार्डन में या अलग-अलग इलाकों में फैले हाउसिंग एस्टेट में वॉलंटियर के तौर पर काम पर लगाया जाना चाहिए.
उधर, निगम के एक अधिकारी ने कहा, प्रपोजल के साथ जो लेटर भेजा गया है, उस पर एक्सपर्ट्स से सलाह ली जायेगी. फिर, इस पर चर्चा के बाद फैसला लिया जायेगा कि ऐसा किया जा सकता है या नहीं, और ऐसा करने के क्या फायदे और नुकसान हैं.
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