कल से काम पर लौट सकते हैं आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टर

आरजी कर की घटना के विरोध में पिछले 38 दिनों से राज्य भर के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक और मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद अब जूनियर डॉक्टर काम पर लौट सकते हैं.

38 दिनों से हड़ताल पर हैं जूनियर डॉक्टर

संवाददाता, कोलकाता

आरजी कर की घटना के विरोध में पिछले 38 दिनों से राज्य भर के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक और मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद अब जूनियर डॉक्टर काम पर लौट सकते हैं. साथ ही सॉल्टलेक स्थित स्वास्थ्य भवन से 100 मीटर दूर धरना पर बैठे जूनियर डॉक्टर बुधवार को धरना समाप्त कर मेडिकल कॉलेज लौट सकते हैं. इसके बाद गुरुवार से वे धीरे-धीरे काम पर लौट सकते हैं.

जूनियर डॉक्टरों की गवर्निंग बॉडी (जीबी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया. साथ ही बताया जा रहा है कि जूनियर डॉक्टर चरणबद्ध तरीके से काम पर लौट सकते हैं. पहले वे इमरजेंसी विभाग में सेवा को बहाल करेंगे. इसके बाद धीरे-धीरे आउटडोर व इंडोर विभाग में काम पर लौटेंगे. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, काम पर लौटने के लिए आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों ने राज्य भर के सभी 26 मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर यह निर्णय लिया है.

बता दें कि जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के साथ सोमवार रात सीएम ममता बनर्जी की बैठक हुई थी. बैठक के तुरंत बाद कोलकाता पुलिस के आयुक्त विनीत कुमार को हटा दिया गया. इसके अतिरिक्त जूनियर डॉक्टरों की मांग पर ही डीएमइ (निदेशक, चिकित्सा शिक्षा), डीएचएस (निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं) और पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ कोलकाता) को भी हटाने का निर्णय लिया गया. राज्य सरकार के इस कदम के बाद ही जूनियर डॉक्टरों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया है.

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