अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें, अब 1000 करोड़ के जमीन घोटाले का लगा आरोप

Abhishek Banerjee Land Scam Allegation: तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी पर 1000 करोड़ रुपए के सरकारी जमीन घोटाले का गंभीर आरोप लगा है. उन पर सरकारी जमीन को निजी बिल्डर को दिलाने का मामला दर्ज कराया गया है. इस मामले में एसआईटी जांच की मांग की गयी है.

Abhishek Banerjee Land Scam Allegation: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर सरकारी जमीन बेचने के आरोप लगे हैं. दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतला के जिंजीराबजार इलाके में 52 बीघा सरकारी जमीन और 11 बड़े तालाबों को भरकर एक बिल्डर को दिलाने के आरोप उन पर लगे हैं. इस मामले में ममता बनर्जी के भतीजे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है. बीजेपी नेता अभिजीत दास (बॉबी) ने मंगलवार को महेशतला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि इस पूरे फर्जीवाड़ा के जरिये 1,000 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला हुआ है.

लीज की शर्तों का उल्लंघन और दस्तावेजों में हेरफेर

शिकायत में कहा गया है कि राज्य सरकार ने वर्ष 1968 में बेरोजगार युवाओं के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर बनाने के उद्देश्य से यह 52 बीघा जमीन 'पीसी चंदा एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड' को 99 साल की लीज पर दी थी. शर्त यह थी कि इसका उपयोग किसी भी व्यावसायिक गतिविधि के लिए नहीं होगा. आरोप है कि वर्ष 2014 में अभिषेक बनर्जी के सांसद बनने के बाद वर्ष 2016 में लीज डीड (दस्तावेजों) में बदलाव किये गये और मूल शर्तों को मिटा दिया गया.

  • प्रशिक्षण केंद्र की इस बेशकीमती जमीन को निजी रियल्टी कंपनी ‘मेसर्स सृजन रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड’ को सौंप दिया गया.
  • लगभग 15 से 20 बीघा आकार वाले 11 बड़े तालाबों में मिट्टी डालकर उन्हें अवैध रूप से भर दिया गया.
  • आज इस जमीन के 75 प्रतिशत हिस्से पर इंडस्ट्रियल लॉजिस्टिक्स पार्क और 25 फीसदी हिस्से पर आवासीय व व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स (सृजन रवि लॉजिस्टिक्स पार्क) चल रहा है.

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अधिकारियों और टीएमसी नेताओं की सांठगांठ का आरोप

बीजेपी नेता अभिजीत दास ने आरोप लगाया कि इस पूरे अनैतिक और गैर-कानूनी काम में सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ-साथ तत्कालीन जिलाधिकारी (डीएम), उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ), कई आईएएस (आईएएस), आईपीएस (आईपीएस), डब्ल्यूबीसीएस (डब्ल्यूबीसीएस) अधिकारी और महेशतला नगर पालिका के चेयरमैन व पार्षद शामिल थे.

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एसआईटी से जांच कराने की मांग

बीजेपी ने पुलिस से मांग की है कि इस 1000 करोड़ रुपए के भूमि घोटाले की तह तक जाने के लिए तुरंत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाये. साथ ही सभी 15 नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाये.


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By Mithilesh Jha

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