कोलकाता : कलकत्ता हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को 14 जनवरी के दिन महानगर में सभा व रैली करने की इजाजत दे दी है लेकिन कोर्ट ने इसके लिए कुछ शर्त भी रखी है. कोलकाता पुलिस द्वारा अनुमति नहीं मिलने के बाद आज आरएसएस ने हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसपर कोर्ट ने फैसला सुनाया.
इससे पहले आरएसएस की पश्चिम बंगाल यूनिट के महासचिव जिश्नु बोस ने जानकारी दी थी कि कोलकाता पुलिस के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को हाइकोर्ट में याचिका दायर की जायेगी. आपको बता दें कि इस सभा में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को मुख्य वक्ता के तौर पर बोलना है. आरएसएस ने महानगर में सभा करने के लिए दो स्थान सुझाते हुए अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने दोनों को ही नामंजूर कर दिया.
बीते दो दिन से इस सभा के आयोजन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी. पुलिसकर्मियों की संख्या की कमी का हवाला देते हुए कोलकाता पुलिस ने आवेदन खारिज कर दिया था. गुरुवार को कोलकाता पुलिस ने पत्र के माध्यम से इसकी सूचना आरएसएस कार्यालय को दी थी जिसके बाद संघ ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
क्या कहा पुलिस ने
कोलकाता पुलिस ने अपने पत्र में कहा था कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति है. कोलकाता पुलिस के जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है, इसलिए कोलकाता पुलिस के पास पर्याप्त संख्या में जवान नहीं हैं. इससे पहले, कोलकाता पुलिस ने शहीद मीनार में रैली व सभा करने के लिए आरएसएस को मंजूरी दे दी थी. लेकिन बाद में आरएसएस द्वारा ब्रिगेड में रैली व सभा करने की अनुमति मांगी गयी, जिसे कोलकाता पुलिस ने खारिज कर दिया.
