87 प्रतिशत लोग अपने कंटेंट का रखते हैं बैकअप

आज के उपभोक्ता अपने हेल्थ रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों, घरेलू वीडियो और फोटो, सोशल मीडिया वीडियो आदि के लिए व्यक्तिगत डेटा पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गए हैं

कोलकाता. आज के उपभोक्ता अपने हेल्थ रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों, घरेलू वीडियो और फोटो, सोशल मीडिया वीडियो आदि के लिए व्यक्तिगत डेटा पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गए हैं और बहुत से लोग डेटा बैकअप का महत्व समझने लगे हैं. डेटा बैकअप की प्रवृति पर वेस्टर्न डिजिटल ने रिसर्च स्केप द्वारा कराये गये एक वैश्विक अध्ययन के परिणाम जारी किये. इसके मुताबिक, दुनिया में 87 प्रतिशत उत्तरदाता अपने डेटा का बैकअप ऑटोमैटिक रूप से या खुद लेकर रखते हैं. रिपोर्ट में बताया कि व्यक्तिगत डेटा का बैकअप रखने के प्रमुख कारणों में महत्वपूर्ण फाइलों को खोने का डर (83 प्रतिशत), अपनी डिवाइस के स्पेस को फ्री करना (67 प्रतिशत), और साइबर खतरों से सुरक्षा (42 प्रतिशत) बताया है. इस संबंध में वेस्टर्न डिजिटल के सेल्स डायरेक्टर (इंडिया, मिडल ईस्ट, एवं अफ्रीका) ओवैस मोहम्मद ने बताया कि डेटा का बैकअप रखने के मामले में भारत दुनिया में सबसे ऊपर है. भारत के 30 प्रतिशत उत्तरदाता अपने डेटा का बैकअप रोजाना करते हैं. यह दुनिया में अमेरिका (27 प्रतिशत) या यूके (23 प्रतिशत) जैसे बड़े देशों को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा है.

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By Akhilesh kumar singh

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