पोर्ट इलाका: सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक माल ढुलाई पर पाबंदी, फरमान से ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप
कोलकाता : दक्षिण कोलकाता के खिदिरपुर अंचल स्थित पोर्ट इलाके में होने वाले लगातार जाम व सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर कोलकाता पुलिस ने इस इलाके में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है. जिसके अनुसार सुबह 8 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक इन वाहनों की माल ढुलाई […]
कोलकाता : दक्षिण कोलकाता के खिदिरपुर अंचल स्थित पोर्ट इलाके में होने वाले लगातार जाम व सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर कोलकाता पुलिस ने इस इलाके में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है. जिसके अनुसार सुबह 8 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक इन वाहनों की माल ढुलाई पर पाबंदी लगा दी गई है. शनिवार से इस निर्देश के लागू होने से इलाके के ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मच गया है. क्योंकि यह पूरा इलाका पोर्ट ट्रस्ट के अंतर्गत आता है, जहां से प्रतिदिन करोड़ों की माल ढुलाई होती है.
यहां तारातल रोड, खिदिरपुर रोड, सर्कुलर गार्डेन रीच रोड, हाइड रोड, कोल बर्थ रोड व रिमाउंट रोड से हजारों वाहनों का प्रतिदिन प्रवेश होता है. पूरे इलाके में सैकड़ों नामी गिरामी कंपनियाें के वेयर हाउस व गोदाम हैं. खिदिरपुर डॉक में पानी कम होने की वजह से अधिकतर बड़े जहाज यहां नहीं आ पाते हैं, इस वजह से पोर्ट ट्रस्ट के कोलकाता डाक सिस्टम के अधिकांश कंटेनरों की ढुलाई यहां से हल्दिया के लिए होती है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के चेयरमैन एमटी कृष्णाबाबु ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव बासुेदव बनर्जी को पत्र लिखकर पूरे मामले पर फिर से गौर करने की मांग की है. हाल ही में कांटापुकुर के पास 240 वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान तैयार किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 640 वाहनों की क्षमता का किया जा रहा था. इसके अलावा कारपोरेशन के अधिकारियों के साथ एक बैठक में पोर्ट ट्रस्ट ने फंड देने का भी आश्वासन दिया था. वहीं ट्रांसपोर्टर एशाेसिएशन की ओर से कलकत्ता हाईकोर्ट में कोलकाता पुलिस के आदेश के खिलाफ एक याचिका भी दायर की गई है. जिसकी सुनवाई अगले सप्ताह होनी है.
इस व्यवसाय के साथ करीब 1.5 लाख लोगों की रोजी रोटी जुड़ी हुई है. वहीं दूसरी ओर कोलकाता पुलिस ने इस निर्देश की कई बातें अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाईं हैं. जिसमें इस निर्देश की अवधि की मियाद तय नहीं है. लोगों के जेहन में यह सवाल है कि क्या पूजा तक के लिए इसे लागू किया गया है या फिर इसे अनिश्चित काल के लिए लागू किया गया है. इस मसले पर डीसी ट्रैफिक सोलोमन निशा कुमार से बात चीत करने का प्रयास किया गया. परंतु उनकी व्यस्तता की वजह से उनसे संपर्क नहीं हो सका.
