कट सकते हैं 56.37 लाख वोटरों के नाम, 90 सीटों पर पड़ेगा असर

राज्य में जारी एसआइआर प्रकिया के दौरान 56.37 लाख मतदाताओं के नाम हटने की आशंका है. इनमें फर्जी, मृत, स्थान बदलने वाले और एक से अधिक जगहों पर मतदाता सूची में नाम रखने वाले मतदाता शामिल हैं.

संवाददाता, कोलकाता

राज्य में जारी एसआइआर प्रकिया के दौरान 56.37 लाख मतदाताओं के नाम हटने की आशंका है. इनमें फर्जी, मृत, स्थान बदलने वाले और एक से अधिक जगहों पर मतदाता सूची में नाम रखने वाले मतदाता शामिल हैं. हालांकि एसआइआर के लिए अभी दो दिन बचे हैं. यह आंकड़ा 60 लाख के पार हो जायेगा. अगर ऐसा होता है, तो निश्चित तौर पर राज्य के 294 विधानसभा सीटों पर इसका असर पड़ेगा और प्रति सीट मतदान भी कम होंगे. वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि एसआइआर के कारण करीब 90 सीटों पर समीकरण बदलना तय है. जानकारी के अनुसार, 56 लाख में 23.98 लाख मृत, 10.95 लाख ऐसे मतदाता जिनके पते का पता नहीं चल सका, 19.65 लाख दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके मतदाता, 1.32 लाख दोहराये गये नाम और 47 हजार 832 अन्य कारणों से हटाये गये शामिल हैं.

पांच विशेष पर्यवेक्षक आज पहुंचेंगे कोलकाता :

निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त पांच विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक (एसआरओ) विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया से संबंधित कार्यों की देखरेख के लिए 10 दिसंबर को कोलकाता पहुंच रहे हैं. सीईओ मनोज अग्रवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी. रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव कुमार रविकांत सिंह को ‘प्रेसिडेंसी डिविजन’ का एसआरओ नियुक्त किया गया है, जबकि गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव नीरज कुमार बंसोड़ को मेदिनीपुर संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. सूचना व प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव कृष्ण कुमार निराला को बर्दवान संभाग का, आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव आलोक तिवारी को मालदा संभाग का और ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव पंकज यादव को जलपाईगुड़ी संभाग का एसआरओ नियुक्त किया गया है.

मुरुगन ने तिलजला में किया दस्तावेजों का निरीक्षण :

निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची पर्यवेक्षक आइएएस सी मुरुगन ने मंगलवार को तिलजला क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया के तहत विभिन्न मतदाता दस्तावेजों का निरीक्षण किया. माना जा रहा है कि फर्जी मतदाताओं की पहचान के लिए आयोग ने मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले पूरे राज्य में निगरानी कड़ी कर दी है. दक्षिण 24 परगना जिले और कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्र में एसआइआर की देखरेख कर रहे सी मुरुगन ने बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ मतदाता डेटा का विस्तृत परीक्षण किया. समीक्षा के दौरान उन्होंने 2002 के रिकॉर्ड, पुरानी मतदाता सूचियों और मतदाताओं के माता-पिता से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की. मुरुगन इससे पहले काकद्वीप का दौरा कर चुके हैं. आयोग ने हाल ही में राज्य के विभिन्न संभागों के लिए विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक (एसआरओ) के रूप में पांच वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों की नियुक्ति कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है. संशोधित कार्यक्रम के तहत एसआइआर गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर निर्धारित की गयी है. मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर को प्रकाशित होगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची सात फरवरी 2026 को जारी की जायेगी.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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