कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट में किसी वकील के निधन पर वकीलों के काम बंद करने के मुद्दे पर अब बार एसोसिएशन वोटिंग का रास्ता अपनायेगा. सूत्रों के मुताबिक हाल ही में मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लुर ने इस मुद्दे पर फैसला करने के लिए चार न्यायाधीशों की एक कमेटी का गठन किया था. कमेटी ने हाल ही में बार एसोसिएशन को कुछ प्रस्ताव दिया था. इन प्रस्तावों पर बार एसोसिएशन अपने सदस्यों के रुख को जानने के लिए वोटिंग करायेगा. हालांकि इसकी तिथि अभी तय नहीं हुई है. इस संबंध में बुधवार को न्यायाधीशों की कमेटी की होनेवाली बैठक को स्थगित करने के लिए एसोसिएशन अरजी देगा. न्यायाधीशों की इस कमेटी में न्यायाधीश प्रणव चट्टोपाध्याय, न्यायाधीश शुभ्र कमल मुखोपाध्याय, न्यायाधीश निशिथा म्हात्रे व न्यायाधीश इंदिरा बंद्योपाध्याय हैं. कमेटी ने हाल ही में बार एसोसिएशन को प्रस्ताव दिया था कि यदि किसी कारण से सुबह 10.30 बजे सप्ताह के किसी दिन काम बंद होता है, तो उसके बदले शनिवार को अदालत चालू रखी जा सकती है. शोक सभा करने के लिए उपयुक्त समय शाम चार बजे के बाद हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट के नियमानुसार 210 दिन अदालत का काम होना चाहिए. लेकिन देखा जा रहा है कि कलकत्ता हाइकोर्ट में 170 से 180 दिनों तक ही काम होता है. इससे आम फरियादियों को काफी समस्या होती है. सूत्रों के मुताबिक कलकत्ता हाइकोर्ट मंे करीब पांच लाख मामले लंबित हैं.
हाइकोर्ट में काम बंद रोकने के लिए वोटिंग के रास्ते पर बार एसोसिएशन
कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट में किसी वकील के निधन पर वकीलों के काम बंद करने के मुद्दे पर अब बार एसोसिएशन वोटिंग का रास्ता अपनायेगा. सूत्रों के मुताबिक हाल ही में मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लुर ने इस मुद्दे पर फैसला करने के लिए चार न्यायाधीशों की एक कमेटी का गठन किया था. कमेटी ने हाल ही […]
