28 खंड में पेश हुई CAG की रिपोर्ट, वित्त मंत्री बोले- सामने आयेगा 8 लाख करोड़ के कर्ज का सच

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने विधानसभा में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 28 रिपोर्ट पेश की है. इन रिपोर्टों से राज्य पर ₹8 लाख करोड़ से अधिक के कर्ज के कारणों का खुलासा होगा. वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने सदन में और क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें.

पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री स्वपन दासगुप्ता ने शनिवार को राज्य विधानसभा में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 28 रिपोर्ट पेश की. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से अज्ञात कारणों से इन रिपोर्ट को सदन में पेश नहीं किया गया था. उन्होंने पिछले वर्षों के दौरान राज्य से संबंधित कैग की रिपोर्ट पेश नहीं किये जाने को ‘संवैधानिक चूक’ करार देते हुए सदन में कहा कि इन रिपोर्ट के अवलोकन से पश्चिम बंगाल पर 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के कर्ज के कारणों का खुलासा हो जायेगा.

कैग रिपोर्ट के 28 खंड सदन में पेश

वित्त मंत्री ने सदन में कहा- उस संवैधानिक चूक को ध्यान में रखते हुए हम कैग रिपोर्ट के 28 खंड सदन के पटल पर रख रहे हैं. स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि सरकार भविष्य में कैग रिपोर्ट पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहती है. इन रिपोर्ट के माध्यम से (पूर्व) सरकार की गलतियों को जनता के सामने रखना हमारा कर्तव्य है.

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विधायकों से रिपोर्ट का अध्ययन करने की अपील

बंगाल के वित्त मंत्री ने कहा कि इन रिपोर्ट का अध्ययन करने से यह पता चल जायेगा कि आखिर पश्चिम बंगाल पर 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज कैसे चढ़ा. उन्होंने विधानसभा के सभी सदस्यों से इन रिपोर्ट का अध्ययन करने का आग्रह किया. वित्त मंत्री ने सदन में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की विभिन्न विभागों से संबंधित वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक की ‘अनुपालन लेखापरीक्षा रिपोर्ट’ पेश की.

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तृणमूल सरकार ने लंबे समय से पेश नहीं की कैग की रिपोर्ट

स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस अवधि के दौरान कैग की रिपोर्ट सदन में पेश नहीं की थी. इसलिए मौजूदा सरकार ने ये रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी है. उन्होंने कहा- कैग की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया जायेगा.


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By Mithilesh Jha

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