बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के एक महीने के अंदर ही परियोजनाओं को मिली मंजूरी
पांच इस्पात कंपनियों ने बंगाल में उत्पादन यूनिट लगाने का दिया प्रस्ताव
35,000 करोड़ का होगा निवेश और 50 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई स्टेट लेवल इन्वेस्टमेंट सिनर्जी कमेटी की पहली बैठक
सीएम ने सिनर्जी (तालमेल) कमेटी के नये पाेर्टल का किया अनावरण
संवाददाता, कोलकाता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को नबान्न सभागार में स्टेट लेवल इंवेस्टमेंट सिनर्जी कमेटी (राज्यस्तरीय निवेश तालमेल समिति) की प्रथम बैठक की अध्यक्षता की. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) के दौरान राज्य को मिले निवेश के प्रस्तावों को जल्द से जल्द क्रियान्वित करने के लिए स्टेट लेवल इंवेस्टमेंट सिनर्जी कमेटी का गठन करने की घोषणा की गयी थी. सोमवार को इस कमेटी की पहली बैठक हुई. उन्होंने कहा कि बीजीबीएस के दौरान राज्य में करीब 4,40,595 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे. एक महीने के अंदर ही राज्य सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. सोमवार को मुख्यमंत्री ने स्टेट लेवल इंवेस्टमेंट सिनर्जी कमेटी के नये पोर्टल का भी उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पोर्टल के माध्यम से निवेशक आवेदन कर सकेंगे. इस पोर्टल के माध्यम से उन्हें अनुमोदन प्रदान कर दिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है, उसमें सालबनी में जिंदल समूह की 16 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली पावर प्लांट परियोजना भी शामिल है. इसके साथ ही रानीगंज में एस्सार ऑयल के 491 करोड़ रुपये, पश्चिम मेदिनीपुर में कैप्टन स्टील के 170 करोड़ रुपये, अल्ट्राटेक लिमिटेड के 149 करोड़, उत्तर 24 परगना के खड़दह में गोदरेज प्रोपर्टीज के 500 करोड़, अंबुजा सीमेंट के हावड़ा व फरक्का में 700 करोड़, उत्तर 24 परगना के अशोकनगर में ओएनजीसी के 800 करोड़, बंगाल अंबुजा रियल्टी के 570 करोड़, पुरुलिया में श्याम स्टील के 1500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी है. सुश्री बनर्जी ने बताया कि बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के बाद पांच इस्पात कंपनियों ने बंगाल में निवेश करने का प्रस्ताव दिया है. इन पांचों कंपनियों ने लगभग 35,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है, जहां 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कैबिनेट बैठक में इन योजनाओं को मंजूरी दे दी जायेगी. सीएम ने विभागीय सचिवों को सचेत करते हुए कहा कि निवेश से संबंधित जो फाइल जहां भी अटकी है, उसकी शीघ्र जांच होनी चाहिए. संबंधित मुद्दों का समाधान होना चाहिए. किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने कहा कि स्टेट लेवल इंवेस्टमेंट सिनर्जी कमेटी की बैठक हर चार सप्ताह में होगी और प्रस्तावों की समीक्षा की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
